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ग्रेटर नोएडा: 30 मिनट तक भी देर हुई तो परीक्षा केंद्र में मिल सकेगा प्रवेश

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा के दौरान देर से पहुंचने वाले छात्रों को केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा हॉल में बैठने की अनुमति दे सकते हैं। बोर्ड के अधिकारियों ने बैठक करके इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश जारी किया है। कहा है कि किसी प्रश्नपत्र के लिए अधिकतम आधा घंटा तक देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा में बैठने की अनुमति दे सकेंगे।
इससे ज्यादा देर वालों को अनुमति नहीं दी जााएगी। इसके अलावा उत्तर पुस्तिका पर मुद्रित क्रमांक को उपस्थिति पत्रक पर परीक्षार्थियों की ओर से अंकित किया जाना अनिवार्य है। इसे कक्ष निरीक्षक सुनिश्चित कराएंगे।

जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्रों की परीक्षा अवधि 3:15 घंटे निर्धारित है जिसमें से शुरू के 15 मिनट परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए हैं। दिव्यांग और दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए निर्धारित अवधि के अतिरिक्त 20 मिनट प्रति घंटे के हिसाब से मिलेगा। इसके अलावा प्रत्येक परीक्षा केंद्रों में कम से कम 50 प्रतिशत स्टाफ बाह्य विद्यालयों से नियुक्त किए जाएंगे।
स्ववित्तपोषित विद्यालयों में राजकीय और अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के 50 प्रतिशत स्टाफ नियुक्त किए जाएंगे। रिजर्व सेट से संबंधित अलमारी लाक करने और आकस्मिक स्थिति में उसे खोलने की कार्यवाही माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव से निर्देश प्राप्त करने के बाद ही कराई जाएगी। उस समय केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और संबंधित थानाध्यक्ष या नामित इंस्पेक्टर की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।

प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक अनिवार्य

हर परीक्षा कक्ष में दो कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य होगी। कक्ष निरीक्षकों के पास उनका परिचय पत्र, आधार कार्ड रहना केंद्र व्यवस्थापक सुनिश्चित कराएंगे। सचल दल में महिला निरीक्षणकर्ता का होना अनिवार्य है। बालिका परीक्षार्थी वाले केंद्र पर सचल दल के पुरुष सदस्य तलाशी नहीं ले सकेंगे। सभी कक्ष निरीक्षकों के लिए फोटो युक्त परिचय पत्र अनिवार्य है

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )