आईएमडी ने मॉनसून बारिश के पूर्वानुमान में कमी की घोषणा की
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को अपने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून موسم के लिए वर्षा पूर्वानुमान को संशोधित करते हुए बताया कि इस बार देश में औसत वर्षा का केवल 90% हिस्सा मिलने की संभावना है।
यह आंकड़ा अप्रैल में जारी किए गए पहले लम्बी अवधि के पूर्वानुमान में दर्शाए गए 92% से कम है। यह 11 वर्षों में पहली बार है जब जून से सितंबर तक के मौसम के लिए वर्षा की कमी की भविष्यवाणी की गई है।
लंबी अवधि का औसत पिछले 50 वर्षों में चार महीने के मॉनसून मौसम के दौरान हासिल हुई सामान्य वर्षा का मापन है।
आईएमडी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में उजागर किया कि दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून का वर्षा पैटर्न पूर्वोत्तर भारत में सामान्य रहने की संभावना है, जबकि देश के मध्य, दक्षिणी प्रायद्वीपीय इलाकों और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में यह सामान्य से कम रहेगा।
इसके अतिरिक्त, जून माह में पूरे देश में औसत वर्षा सामान्य से कम, अर्थात् लंबी अवधि के औसत का 92% से कम रहने की उम्मीद है।
मॉनसून की प्रगति जारी
वहीं, देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून निरंतर प्रगति कर रहा है और अरब सागर, बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में भी फैला है। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि मॉनसून के प्रायद्वीपीय और पूर्वोत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
यह स्थिति इस वर्ष के मॉनसून को प्रभावित कर सकती है, जिससे कृषि और जल संसाधन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए आगामी मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखना आवश्यक होगा।