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‘सूचनाएं किसी को डराती नहींं’: श्रमिक संघों ने श्रम संहिता में गर्मी सुरक्षा शामिल करने की मांग की

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May 27, 2026 #source
‘Advisories don’t scare anybody’: Include heat protection in labour codes, say worker unions

श्रम संहिता में गर्मी सुरक्षा को शामिल करने की मांग

भारत में श्रमिक संघों ने सरकार से यह आग्रह किया है कि श्रम संहिता में अत्यधिक गर्मी के दौरान कामकाज के लिए सख्त नियम बनाए जाएं। हाल के वर्षों में अभूतपूर्व गर्मी के कारण सरकार ने सलाह जारी की है कि नियोक्ता काम के समय में बदलाव करें और श्रमिकों के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराएं। हालांकि, श्रमिकों का मानना है कि केवल सलाह से स्थितियों में कोई सुधार नहीं होगा।

गिग और प्लेटफॉर्म सेवा श्रमिक संघ के राष्ट्रीय समन्वयक निर्मल गोरणा ने कहा, “सलाह अमल करने के लिए बाध्यकारी नहीं होती, इसलिए कोई डरकर पालन नहीं करता।” उच्च तापमान के कारण होने वाली बीमारियों का खतरा जब औसतन 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहता है, तब कई गुना बढ़ जाता है। भारत के बड़े हिस्से में काम का स्वरूप अनौपचारिक है, इस कारण यह स्थिति अत्यंत खतरनाक साबित हो सकती है।

2024 में भारत ने अपने सबसे गर्म वर्ष का सामना किया, जब कई दिनों तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा और अनुमानित 40,000 से अधिक हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए। इस अनुभव ने इस मुद्दे पर जनमानस की सोच को प्रभावित किया।

नगरीय मामलों के शोधकर्ता अरविंद उन्नी ने बताया, “इस वर्ष ने गर्मी से जुड़ी सुरक्षा उपायों के महत्व को सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया।” तापमान में हर डिग्री की बढ़ोतरी औसतन उत्पादन में 2% और श्रमिक उत्पादकता में 2-4% की गिरावट लाती है, लेकिन भारतीय श्रम कानून अभी तक इस चुनौती के अनुरूप नहीं हुए हैं।

श्रमिक संघों का कहना है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाना अनिवार्य है ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिक सुरक्षित रह सकें। सरकार से आग्रह है कि वे श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों को प्रभावी करें और सख्त दिशा-निर्देश जारी करें।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)