नई इंडिया फाउंडेशन बुक फैलोशिप अब हर वर्ष दी जाएगी
नई इंडिया फाउंडेशन (NIF) द्वारा प्रदान की जाने वाली बुक फैलोशिप अब से हर दो वर्ष की बजाय हर साल दी जाएगी। इस बदलाव के तहत आवेदनों के लिए लगभग तीन महीने का समय खुला रहेगा, जिससे अधिक लेखकों को अवसर मिल सकेगा।
नई इंडिया फाउंडेशन बुक फैलोशिप का उद्देश्य स्वतंत्र और तथ्यात्मक गैर-काल्पनिक पुस्तकें सहारा देना है, जो स्वतंत्र भारत (1947 के बाद) के विभिन्न पहलुओं का शोध और विश्लेषण करती हैं। इस फैलोशिप के अंतर्गत चयनित लेखकों को मासिक आर्थिक सहायता, संपादकीय सहयोग, मेंटरशिप, और लेखन एवं विचारशील समुदाय से जुड़ने का अवसर दिया जाता है।
एनआईएफ की संचालन समिति की सदस्य निरजा गोपाल जयाल ने कहा, “हम हमेशा से मानते हैं कि गंभीर गैर-काल्पनिक लेखन भारत की आत्म-समझ के लिए अनिवार्य है। हम इस समर्थन को और अधिक स्थिर, सुलभ और लेखकों के लिए उत्तरदायी बनाना चाहते हैं।”
संचालन समिति के दूसरे सदस्य श्रीनाथ राघवन ने कहा, “फैलोशिप की वार्षिक प्रक्रिया हमें इस क्षेत्र के विस्तार और गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेगी।”
यह कदम भारत में गंभीर इतिहास, समाज और संस्कृति आधारित गैर-काल्पनिक लेखन को बढ़ावा देने और लेखक समुदाय को निरंतर समर्थन देने की तरफ एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे लेखन की गुणवत्ता और विषयों की विविधता दोनों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
इस नई व्यवस्था के साथ, लेखकों को अधिकतम सहारा मिलेगा और भारतीय इतिहास तथा समाज के विभिन्न पहलुओं पर शोध प्रबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
अधिक जानकारी के लिए पाठक नई इंडिया फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।