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दिल्ली: प्रदूषण नियंत्रण की मापने योग्य प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए

दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने इस बार अभी से जिम्मेदारी तय कर दी है। राजधानी के 13 जिलों में चिन्हित 47 प्रदूषण हॉटस्पॉट की निगरानी अब एसीएस, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के 13 वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ में होगी। प्रत्येक अधिकारी को हॉटस्पॉट पर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को जमीन पर लागू कराने और उनकी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। एलजी तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में हर सप्ताह क्रॉस-फंक्शनल टीम की बैठक और हर पखवाड़े प्रदूषण नियंत्रण की मापने योग्य प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में प्रदूषण के 47 हॉटस्पॉट को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने का फैसला किया गया। इन सभी जगहों के आसपास 3 किलोमीटर के क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण की कार्ययोजना लागू की जाएगी। 13 वरिष्ठ अधिकारियों को इन हॉटस्पॉट का प्रभारी बनाया गया है। उन्हें संबंधित विभागों के बीच समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। यानी अब केवल योजना बनाने के बजाय मौके पर उसके असर की निगरानी भी होगी।

एलजी ने निर्देश दिया कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अलग-अलग विभागों की क्रॉस-फंक्शनल टीम हर सप्ताह बैठक करे। इसमें सड़क, यातायात, निर्माण, उद्योग, परिवहन और पर्यावरण से जुड़े विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। अधिकारियों को जनता से नियमित संवाद करने और विभागों के भीतर भी बेहतर तालमेल रखने को कहा गया है। पर्यावरण सचिव को हर पखवाड़े आंकड़ों वाली रिपोर्ट मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री और एलजी कार्यालय को भेजनी होगी।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )