साइट-4 स्थित निजी होटल में शुक्रवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के सशक्तिकरण और समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से रैंप कार्यक्रम के तहत एक कार्यशाला हुई। इसमें उद्यमियों, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों, वित्तीय संस्थानों और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए अपर आयुक्त एवं प्रबंध निदेशक यूपीएसआईसी राज कमल यादव ने राज्यस्तरीय डिजिटल प्लेटफॉर्म यूपी एमएसएमई वन कनेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह पोर्टल एमएसएमई के लिए वन-स्टॉप डिजिटल समाधान के रूप में कार्य करेगा।
पोर्टल पर इंसेंटिव कैलकुलेटर, विशेषज्ञ परामर्श, प्रशिक्षण कार्यक्रम और औद्योगिक भूमि की रियल-टाइम उपलब्धता जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे निवेश प्रक्रिया सरल होगी। साथ ही फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को एमएसएमई के लिए लागत-कुशल और प्लग-एंड-प्ले समाधान बताया। अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग आलोक कुमार ने एमएसएमई को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धात्मकता, गुणवत्ता और वैल्यू-चेन एकीकरण से उत्तर प्रदेश के एमएसएमई वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकते हैं। राज्य में बेहतर औद्योगिक वातावरण के चलते श्रमिकों के पलायन में कमी आई है। इसके अलावा जेड योजना, निर्यात गुणवत्ता प्रमाणन, विदेश व्यापार महानिदेशालय की नीतियों और ईसीजीसी की योजनाओं पर मार्गदर्शन दिया। इस कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए), हैंडलूम एवं हस्तशिल्प निर्यातक कल्याण संघ, इंडियन एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन सहित कई प्रमुख उद्योग संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।