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ग्रेटर नोएडा: छठे फ्लोर से बेसमेंट में जाकर गिरी लिफ्ट

ग्रेनो वेस्ट स्थित एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में सोमवार को झटके के साथ लिफ्ट छठे फ्लोर से सीधे बेसमेंट में जा रुकी। लिफ्ट में तेज झटके के कारण कई लोगों के हाथ में चोटें आई है। घटना के बाद निवासियों ने मेंटनेंस कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि शिकायत के बाद भी लिफ्ट को ठीक नहीं कराया जा रहा है

निवासी विकास तोमर और गिरीश ने बताया कि एच टावर की लिफ्ट कई दिनों से खराब है। बिल्डर प्रबंधन से लिफ्ट को सही कराने के लिए कई बार शिकायत की गई लेकिन कुछ भी कार्य नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि गनीमत यह रही कि किसी को ज्यादा चोट नहीं आई वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने बताया कि टावर में एक ही लिफ्ट संचालित हो रही है। वह भी खराब है।

उन्होंने ने बताया कि वह और उनके साथ गिरीश छठे फ्लोर से नीचे जा रहे थे। लिफ्ट पर जब वह सवार हुए तो वह सीधे बेसमेंट में जा गिरी। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस सोसाइटी में आई और उन्होंने मेंटेनेंस प्रबंधन से बात की। उन्होंने कहा कि मेंटेनेंस प्रबंधन की ओर से धमकी दी जा रही है कि कुछ भी नहीं होगा। उन्होंने पुलिस से बिल्डर प्रबंधन पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। बेसमेंट में गंदे पानी के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है। सोसाइटी में प्रतिदिन कोई न कोई नहीं समस्या खड़ी हो जा रही है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}