सूरजपुर जिला एवं तहसील न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी। जिसमें आपराधिक शमनीय, पारिवारिक, चेक बाउंस, बिजली-पानी बिल, दुर्घटना दावा सहित प्री-लिटीगेशन मामले सुलह से निपटाए जाएंगे। ट्रैफिक चालानों के लिए अलग हेल्प डेस्क रहेगी।
सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय और तहसील स्तर पर 13 दिसंबर यानी शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। इसमें विशेषतः आपराधिक शमनीय वाद, पारिवारिक मामलें, मोटरयान दुर्घटना अधिनियम के मामले, बिजली व पानी से संबंधित मामले, धारा-138 एनआई एक्ट के वाद, भू-राजस्व वाद, सेवा संबंधित मामले एवं प्री-लिटीगेशन मामलों के साथ-साथ सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारण योग्य अन्य विवाद, जिनमें पक्षकार पारस्परिक सद्भावना के अधीन समझौते के लिए इच्छुक हो वह मामले निस्तारित किए जाएगे
अपर जिला जज/ सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश गौतमबुद्धनगर अतुल श्रीवास्तव करेंगे। सभी जगह पर हेल्प डेस्क स्थापित होगी। जहां मौजूद संबंधित विभाग के लोग मामले के निस्तारण में मदद करेंगे। लोगों से अपील है कि समय से पहुंचकर अपने मामलों का निस्तारण कराएं। लोक अदालत में कई तरह के विवाद को त्वरित और कम कीमत पर निपटारा किया जाता है।
ट्रैफिक पुलिस की लगेगी हेल्पडेस्क
लोक अदालत में वाहन के चालान के निस्तारण के लिए अलग से डेस्क लगाई जाएगी। या फिर कम राशि का जुर्माना लगाकर निपटारा किया जाता है। इसके अलावा बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, गलत तरह से पार्किंग करना, प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं होना, इंश्योरेंस खत्म होने जैसे चालानों पर लोक अदालत में सुनवाई की जाती है। जिसमें कई मामलों में बिना जुर्माना लगाए ही निपटारा किया जाता है।
हालांकि ट्रैफिक नियमों में गंभीर उल्लंघन जैसे मामलों में माफी नहीं मिलती। ऐसे मामलों में नशे में वाहन चलाना, हिट एंड रन जैसे मामले शामिल होते हैं। लोक अदालत में जाने से पहले टोकन को लेना जरूरी होगा। वाहन चालान की कॉपी, वाहन के रजिस्ट्रेशन की कॉपी, ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी, आधार कार्ड, टोकन के साथ ही सभी जरूरी दस्तावेज को अपने साथ लेकर जाना होगा

