महाराष्ट्र में नशा वर्धित नियंत्रण के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई महानगर क्षेत्र में नशा विरोधी जागरूकता और नियंत्रण के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का नेतृत्व कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा करेंगे। छह सदस्यों वाली इस समिति में पुलिस आयुक्त, मुंबई शहर और मुंबई उपनगर के कलेक्टर, तथा दो गैर-आधिकारिक सदस्य शामिल हैं। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा नशा और मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी कार्रवाई को बढ़ावा देने के दौरान उठाया गया है।
समिति का मुख्य कार्य विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर नारकोटिक्स के पौधों की गतिविधियों, उत्पादन, परिवहन, व्यापार, विक्रय और सेवन को रोकना है। इसके साथ ही सार्वजनिक जागरूकता अभियानों के माध्यम से नशा के दुष्प्रभावों की जानकारी क्षेत्र में फैलाने का दायित्व भी इस समिति को सौंपा गया है। इसका उद्देश्य सिर्फ कानून प्रवर्तन तक सीमित न रहकर, समाज में व्यापक चेतना और प्रतिबंधात्मक प्रयास करना है।
इस बीच, महाराष्ट्र में नारकोटिक्स से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी हुई है। गोंदिया में एक ट्रक से नशे के करीब 702 किग्रा गांजा जब्त किया गया, जिसकी क़ीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में प्रकाश एमडी और पदमलाल एनएम नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे पता चला कि यह खेप ओडिशा से नागपुर, गोंदिया, पुणे और मुंबई में सक्रिय ड्रग सिंडिकेट्स के लिए लाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार, यह सिंडिकेट अलग-अलग खेपों के बजाए बड़ी खेप में नशा परिवहन कर रहा था।
कल्याण पुलिस ने अमजद पठान नामक 47 वर्षीय अपराधी को गिरफ्तार किया, जो पहले मुंबई और ठाणे से निष्कासित था। वह एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का सरगना माना जाता है। उसके कब्जे से 9.7 किग्रा हीरोइन बरामद हुई, जिसकी कीमत 34.18 करोड़ रुपये बताई गई। पठान के खिलाफ लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या भी शामिल है। गिरफ्तार किए जाने के बाद उसकी नशा की गतिविधियां नाशिक में संचालित थीं।
विभिन्न कार्रवाईयों के तहत, राजस्व जांच निदेशालय ने मुंबई हवाईअड्डे पर एक अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी सिंडिकेट को भी नहीं बख्शा। 16 मई को आदिस अबाबा से आए दो अफ्रीकी यात्री, जिन्हें सलाखों के अंदर नशे की कैपसूल खाने के लिए पकड़ा गया। अदालत की अनुमति से उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिनों में कुल 63 कैप्सूल बरामद किए गए। इसमें लगभग 850 ग्राम कोकीन थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में कीमत लगभग 4.25 करोड़ रुपये आंकी गई।
यह हालिया घटनाक्रम संकेत देते हैं कि महाराष्ट्र में नशे की अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी दोनों ही समस्याएं गंभीर रूप से व्याप्त हैं। जहां विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियां लगातार गिरफ्तारी और जब्ती कर रही हैं, वहीं गठित नई समिति मुंबई महानगर क्षेत्र में व्यापक जागरूकता और रोकथाम कार्यक्रम भी प्रभावी बनाएगी। इससे नशा निर्मूलन में प्रशासन और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की उम्मीद है।