मणिपुर में मुठभेड़ में संदिग्ध मिलिटेंट की मौत, स्थानीय निवासियों का दावा नागरिक होने का
मणिपुर के चुराचंदपुर जिले में मंगलवार को असम राइफल्स और सेना के साथ हुई एक कथित मुठभेड़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई। राज्य पुलिस ने उसे ‘संदिग्ध मिलिटेंट’ बताया है, वहीं स्थानीय निवासी उसे नागरिक बताते हैं।
मणिपुर पुलिस के एक बयान के अनुसार, यह मुठभेड़ मोल्फेई और सोंगकोंग गांवों के बीच हुई जो कि संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए एक अभियान का हिस्सा थी। पुलिस ने कहा, “मुठभेड़ के दौरान एक संदिग्ध मिलिटेंट मारा गया।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौके से एक AK-47 राइफल, मैगजीन, गोलाबारूद, विस्फोटक और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है।
पुलिस ने यह भी बताया कि इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है।
हालांकि, सोंगकोंग गांव प्रशासन ने पुलिस के इस दावे को खारिज करते हुए भारतीय सेना पर “हमारे गांव पर बर्बर और अमानवीय हमला” करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सेना ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की परवाह किए बिना ड्रोन और बमों के माध्यम से गांव पर हमला किया।
गांव प्रशासन ने बताया कि लेनमिंसांग हाओकिप नामक मृतक एक निर्दोष नागरिक था, जिसे बिना किसी कारण के मार गिराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उसकी मौत के बाद उसकी कपड़े बदलकर सैन्य वर्दी पहना दी गई और शव को ले जाया गया।
विधालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अभी तक उनके शव का कोई पता नहीं चला है।
यह मामला मणिपुर में सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के बीच संवेदनशील तनाव को दर्शाता है। इस प्रकार के संघर्षों में नागरिक सुरक्षा और मानवाधिकारों की सुरक्षा एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है।
सरकारी पक्ष और स्थानीय निवासियों के बीच मतभेदों को देखते हुए स्थिति की गंभीरता और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित हो सके।