भारत में बिजली की मांग चौथे दिन लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
देश के कई हिस्सों में चल रही भीषण गर्मी की लहर के कारण गुरुवार को भारत की बिजली मांग एक बार फिर नए कीर्तिमान पर पहुंच गई। इसके साथ ही यह चौथा लगातार दिन है जब देश की पिक पावर डिमांड रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर रही।
विद्युत मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार को दोपहर 3:45 बजे विद्युत की मांग 270.8 गीगावॉट रिकार्ड की गई। मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान मौसम की स्थिति के मद्देनजर कूलिंग उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली की मांग में वृद्धि हुई है।
गुरुवार के इस पीक के दौरान बिजली की आपूर्ति विभिन्न स्रोतों से हुई। जिसमें थर्मल पावर का योगदान सबसे अधिक 62.8% था, इसके बाद सोलर ऊर्जा का हिस्सा 22%, हाइड्रो पावर 5.8%, और विंड एनर्जी 5% रहा। बाकी की आवश्यकता अन्य स्रोतों से पूरी की गई। मंत्रालय ने यह भी कहा कि थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की उपलब्धता पर्याप्त है और इसकी आपूर्ति प्रभावी ढंग से नियंत्रित की जा रही है।
इस सप्ताह की शुरुआत से ही देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। सोमवार को यह 257.3 गीगावॉट, मंगलवार को 260.4 गीगावॉट और बुधवार को 265.4 गीगावॉट तक पहुंच चुकी थी। सरकार ने इस गर्मी के दौरान बिजली की पीक मांग 271 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान लगाया था।
दिल्ली में मई माह के लिए 14 वर्षों में सबसे अधिक रात का तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस उच्च मांग की एक प्रमुख वजह है। गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए भारत मौसम विभाग ने वर्षा, हवा और अन्य कारकों की वजह से ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
यह पिछले कई वर्षों में बिजली मांग में आई वृद्धि और निगमित ऊर्जा संक्रमण की प्रक्रिया में बढ़ती सौर व पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी को दर्शाता है। सरकार आवश्यक कदम उठा रही है ताकि ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आए और उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा मिलती रहे।
देश में इस गर्मी की लहर ने बिजली मांग को नया आयाम दिया है, जिसे देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र की सतत निगरानी और प्रभावी प्रबंधन की जरूरत हो गई है।