बुधवार को वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आयोजित समन्वय बैठक में निगमायुक्त ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उनके अधीन आने वाली सड़कों पर शोधित पानी के छिडक़ाव का दायरा बढ़ाएं। इसके साथ ही धूल-मिट्टी हटाने के अभियानों में तेजी लाने, ग्रीन बेल्ट को दुरुस्त करने और सेंट्रल वर्ज और ग्रीन बेल्ट में नियमित रूप से पानी डालने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। निगमायुक्त ने शहर के बस क्यू शेल्टर, अंडरपास और फ्लाईओवर की दीवारों की नियमित धुलाई कराने के निर्देश दिए, ताकि इन स्थानों पर जमी धूल और गंदगी को हटाकर प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। जंक्शन सुधार पर भी विस्तार से चर्चा
बैठक में जंक्शन सुधार पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ले-बाई और स्लिप रोड बनाने की योजनाओं पर काम करने का निर्णय लिया गया। साथ ही हाईराइज भवनों पर एंटी स्मॉग गन लगाने तथा नागरिकों को साझा वाहन और कार पूलिंग अपनाने के लिए जागरूक करने पर भी बल दिया गया। यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि महरौली-गुरुग्राम रोड (महावीर चौक से आया नगर बॉर्डर तक) को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाए। इसके तहत सडक़ से अतिक्रमण और रेहड़ी-पटरी हटाने, सीएंडडी वेस्ट, मिट्टी, कचरा और बागवानी कचरे की सफाई, निर्धारित पार्किंग व्यवस्था लागू करने तथा यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा सडक़, फुटपाथ और ग्रीन बेल्ट में सुधार कार्य भी किए जाएंगे। यह सभी कार्य नगर निगम, जीएमडीए और यातायात पुलिस के समन्वय से किए जाएंगे। ड्रेनेज-सीवरेज सफाई में गाद तुरंत उठाने के निर्देश
ड्रेनेज और सीवरेज की सफाई के दौरान निकाली गई मिट्टी और गाद को तुरंत मौके से उठाया जाए, ताकि इससे दोबारा प्रदूषण न फैले। प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध चालान कार्रवाई को और तेज करने के निर्देश दिए गए। निगमायुक्त ने पार्कों, ग्रीन बेल्ट और निर्माण कार्यों में शोधित पानी के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि पेयजल की खपत को कम किया जा सके। इसके लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।

