मॉनसून तैयारी के लिए मुंबई में बड़ी जांच एवं निगरानी
मुंबई में मॉनसून से पहले तैयारियों को दुरुस्त करने के लिए शनिवार को बृहद सीमा पर अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इस निरीक्षण का नेतृत्व नगर महानगरपालिका के अधिकारियों ने किया, जिसमें चेंबूर और प्रमुख जल निकासी नालों समेत विविध स्थलों पर सड़क कंक्रीटाइजेशन कार्य और बड़े पैमाने पर सिल्ट निकालने के प्रयासों की बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सड़क कंक्रीट कार्यों की गति तीव्र रखी जा रही है तथा स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि ये सभी कार्य मॉनसून से पहले पूर्ण किए जाएं। हालांकि गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन आवश्यक बताया गया, ताकि सभी निर्माण कार्य टिकाऊ एवं सुरक्षित हों। विशेष चिंता व्यक्त की गई कि सीमेंटयुक्त पानी नालों में न मिले इसलिए संबंधित सड़क और पाइपलाइन की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
महुल नाला, जे. के. नाला और मिथी नदी जैसे बड़े जल मार्गों में सिकुड़ाव हटाने के कार्यों को लेकर विशेष जोर दिया गया। इस वर्ष के लिए 8.28 लाख मेट्रिक टन सिल्ट हटाने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें मई 2026 तक लगभग 45 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। निर्देश जारी किए गए हैं कि इस कार्य की गति और बढ़ाई जाए ताकि भारी बारिश से पहले सभी नाले पूरी तरह से साफ हो जाएं। साथ ही सुरक्षात्मक दीवारों का निर्माण कर ओवरफ्लो की संभावना को कम करने की भी सिफारिश की गई।
इसके अलावा, वास्तविक समय में प्रगति पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी निगरानी तंत्र लागू करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे न केवल प्रशासनिक अधिकारी बल्कि स्थानीय प्रतिनिधि भी समीक्षा कर सकेंगे। इससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही में वृद्धि होगी।
शहरी सफाई और संचालन अनुशासन पर भी चर्चा हुई। सिल्ट ले जाने वाले वाहनों को सार्वजनिक रास्तों पर आने से पूर्व उनके चक्कों की सफाई अनिवार्य की गई है, ताकि शहर की सड़कों पर कचरा एवं मिट्टी फैलने से रोका जा सके। कुल मिलाकर, यह निरिक्षण गति, गुणवत्ता, निगरानी और सफाई को संतुलित करते हुए मॉनसून की तैयारी में समन्वित प्रयासों को दर्शाता है।