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चंडीगढ़ में 35,000 से अधिक पुनर्वास कालोनी निवासियों को मिल सकते हैं स्वामित्व अधिकार

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Jun 3, 2026 #source
Over 35,000 rehabilitation colony residents may get ownership rights in Chandigarh

चंडीगढ़ प्रशासन पुनर्वास कालोनियों के निवासियों को स्वामित्व देने की तैयारी में

चंडीगढ़ प्रशासन ने पुनर्वास कालोनियों के 35,000 से अधिक निवासियों को उनके आवासीय इकाइयों पर स्वामित्व देने की योजना तैयार की है। यह प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा गया है और इसका मुख्य उद्देश्य उन मूल आवंटियों और उनके वैध उत्तराधिकारियों को कानूनी अधिकार दिलाना है, जो सात वर्षों से अधिक समय से अपने आवासों में रह रहे हैं।

प्रस्तावित नीति का पहला चरण मुख्य रूप से उन्हीं निवासियों को कवर करेगा, जिन्होंने अपनी इकाइयों पर लगातार निवास किया है। अगले चरणों में ग्रांट पॉवर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) धारकों को शामिल करने की संभावना है, जो वर्तमान समय में इन पुनर्वास कालोनियों के एक बड़े हिस्से का गठन करते हैं।

यह कदम प्रशासन की ओर से सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और पुनर्वास कालोनियों की अवैधता की स्थिति को समाप्त करने के लिए उठाया गया है। स्वामित्व अधिकार मिलने के बाद निवासियों की ज़िन्दगी में स्थिरता आएगी तथा वे अपने आवासों में आवश्यक सुधार कर सकेंगे।

पुनर्वास कालोनियां उन व्यक्तियों के लिए बनाई गई थीं जिन्हें सरकारी जमीनों या अन्य परियोजनाओं के कारण अपने मूल आवास छोड़ने पड़े थे। इन कालोनियों में रहने वाले अधिकांश लोग मध्यम और निम्न आय वर्ग से हैं, जिनके लिए यह अधिकार आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का नया आयाम साबित होगा।

गृह मंत्रालय द्वारा इस प्रस्ताव की समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिसके पश्चात स्वामित्व वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी पात्र आवेदकों के दस्तावेज़ों की कठोर जांच के बाद ही स्वामित्व प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचितता न हो।

यह नीति चंडीगढ़ शहर में आवासीय स्थिरता को बढ़ावा देने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल निवासियों को न्याय मिलेगा, बल्कि शहर के पुनर्वास हिस्सों का कायाकल्प भी संभव होगा।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)