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यूपी: मंगलायतन विश्वविद्यालय व आरएमपीएसयू के बीच हुआ एमओयू


अलीगढ़। उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलायतन विश्वविद्यालय और राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर शिक्षा एवं अनुसंधान को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। समझौता ज्ञापन के दौरान ।
एमओयू के तहत दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित करेंगे, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे तथा सेमिनार, कार्यशाला, सम्मेलन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। साथ ही उभरती तकनीकों, स्थानीय उद्योगों के तकनीकी विकास, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सामाजिक उत्थान तथा नवाचार आधारित अनुसंधान पर भी मिलकर कार्य किया जाएगा।


मंगलायतन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने बताया कि समझौते के अंतर्गत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम, व्यक्तित्व विकास गतिविधियों तथा ई-क्लासरूम, शोध प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट और पुस्तकालय विकास जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा। आरएमपीएसयू के कुलपति प्रो. नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि यह समझौता दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

आरएमपीएसयू के कुलपति प्रो. नरेंद्र बहादुर सिंह एवं कुलसचिव प्रबुद्ध सिंह तथा मंगलायतन विश्वविद्यालय के कुलसचिव कमांडर मनोज के. (रिटा.) और उप कुलसचिव डा. सोनी सिंह उपस्थित रहे


मंविवि के कुलसचिव कमांडर मनोज के. (सेवानिवृत्त) ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध संस्कृति को नई दिशा मिलेगी। आरएमपीएसयू के कुलसचिव प्रबुद्ध सिंह ने बताया कि समझौता ज्ञापन से दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक, शोध एवं कौशल विकास गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मंविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों के लिए ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर सृजित करेगा।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )