• Wed. Jul 15th, 2026

सांसद ने मुख्यमंत्री से गौतमबुद्ध नगर की विकास परियोजनाओं पर चर्चा की

मेरठ के ऊर्जा भवन सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को मेरठ मंडल के जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें जिले के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने प्रमुख समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विषयों को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित करने का आश्वासन दिया।

सांसद ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के प्रशासनिक मार्गदर्शन से प्रदेश में कानून व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ है जिससे सामान्य नागरिकों एवं उद्योग-व्यापार जगत को सुरक्षा की भावना प्राप्त हुई है। नवंबर में प्रस्तावित नोएडा एयरपोर्ट संचालन के बाद क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री को कुछ बिंदुओं पर जानकारी दी और जाम से निजात दिलाने के कार्यों को जल्द पूरा कराने के लिए विशेष निर्देश देने की अपील की। वर्तमान में महामाया फ्लाईओवर तक निरंतर ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती है जो भविष्य में और विकराल हो सकती है। यदि यात्रियों को अधिक समय लगेगा तो वे दिल्ली एयरपोर्ट का विकल्प चुन सकते हैं। ऐसे में इस सड़क को चौड़ा करने की जरूरत है। वहीं, पहले से बन चुके दो फुटओवर ब्रिज के उपयोग की भी सलाह दी

इसके अलावा सीएम को अवगत कराया गया कि चिल्ला रेगुलेटर से महामाया फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है जिसे शीघ्र पूरा किया जाए। कालिंदी कुंज से परी चौक (जीरो प्वाइंट) तक पुश्ता पर एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए एनएचएआई की ओर से परियोजना को शुरू किया जाए।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

Don't Miss

{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}