मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग ने हाल के दिनों में तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। 3 से 10 दिसंबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान में अंतरराष्ट्रीय स्मगलिंग नेटवर्क पर करारा वार करते हुए कस्टम अधिकारियों ने 45 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत का हाइड्रोपोनिक गांजा, सोना और हीरे जब्त किए हैं। इस दौरान 12 यात्रियों को गिरफ्तार कर तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान की सबसे अहम सफलता 9 यात्रियों की गिरफ्तारी रही, जो बैंकॉक से अलग-अलग फ्लाइट्स से मुंबई पहुंचे थे। इन यात्रियों के पास से करीब 37.26 करोड़ रुपये मूल्य का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया। तस्करों ने माल छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाए थे—कुछ बैगों पर दूसरी उड़ानों के बैगेज टैग लगाए गए थे, जबकि नशीले पदार्थों को इमली के गूदे जैसे ठोस रूप में छिपाया गया था। जांच के बाद सभी आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।
इसी अवधि में एक अन्य कार्रवाई के दौरान बैंकॉक से आए तीन और यात्रियों को रोका गया, जिनके पास से करीब छह करोड़ रुपये कीमत का संदिग्ध हाइड्रोपोनिक गांजा मिला। इन्हें भी तुरंत हिरासत में लेकर तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया।
मादक पदार्थों के साथ-साथ कस्टम विभाग ने सोने और हीरों की तस्करी पर भी शिकंजा कसा। चार यात्रियों के पास से 1.51 करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त किया गया, जबकि एक अन्य यात्री के पास से 87.75 लाख रुपये के हीरे बरामद हुए। अधिकारियों का मानना है कि ये सभी बरामदगी अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय तस्करी मॉड्यूल से जुड़ी हो सकती हैं।
कस्टम विभाग ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर स्मगलिंग और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि तस्करी की हर कोशिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।