मुंबई में हाकर पहचान प्रणाली का डिजिटलीकरण, बीएमसी द्वारा QR लाइसेंस जारी
मुंबई महानगरपालिका निगम (BMC) ने शहर में स्ट्रीट वेंडिंग सिस्टम को डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब अधिकृत हाकर्स को QR कोड वाले लाइसेंस दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी पहचान और निगरानी में सुधार होगा। यह पहल बॉम्बे हाईकोर्ट के तेजी से बढ़ते अवैध हाकरों के खिलाफ कड़े रुख के बाद सामने आई है।
नए QR कोड युक्त लाइसेंस को स्कैन करने पर हाकर का नाम, निर्धारित विक्रय क्षेत्र और बिक्री के लिए अनुमत वस्तुओं की जानकारी तुरंत मिलती है। इस प्रणाली से नागरिक और प्रशासन दोनों को अधिकृत विक्रेताओं की पहचान करने में आसानी होगी तथा अनधिकृत विक्रय को रोकने में सहायता मिलेगी।
इस पहल के पीछे हाईकोर्ट की हाल की टिप्पणियाँ भी हैं, जिसमें बीएमसी की अवैध हाकरों पर नियंत्रण न रखने की आलोचना की गई। 5 मई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने QR कोड पर आधारित पहचान प्रणाली लागू करने की सिफारिश की, जिससे लाइसेंसधारी और गैरकानूनी विक्रेता स्पष्ट रूप से अलग किए जा सकें।
बीएमसी ने इस पर तेजी से कार्रवाई करते हुए 2014 के हाकर सर्वेक्षण में शामिल अधिकृत स्टाल मालिकों को QR सक्षम लाइसेंस जारी करना शुरू कर दिया है। अब वह इस प्रणाली को सर्वेक्षण के सभी हाकरों तक पहुंचाने की तैयारी में है।
हालांकि, पांच सप्ताह के कठोर समयसीमा के भीतर इस परियोजना को पूरा करना प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा। 2014 के सर्वेक्षण में लगभग 99,435 हाकरों की संख्या दर्ज थी, जबकि वर्तमान में निगम के पास केवल लगभग 32,000 लाइसेंसधारक या पात्र विक्रेताओं के सत्यापित रिकॉर्ड मौजूद हैं। इससे व्यापक सत्यापन कार्य की आवश्यकता होगी।
प्रक्रिया में लगे अधिकारियों ने बताया कि पहला कदम पुराने रिकॉर्ड का सत्यापन होगा ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि कौन से हाकर अभी भी सक्रिय और पात्र हैं, तथा कौन-कौन से रिकॉर्ड अपडेट करने होंगे। सत्यापन के बाद बीएमसी क्रमिक रूप से QR आधारित पहचान पत्र जारी करेगी।
शुरुआत में बीएमसी ने इस कार्य को पूरा करने के लिए दो महीने का समय मांगा था, पर कोर्ट की वार्ता के दौरान इसे पांच सप्ताह में सीमित कर दिया गया। सिविक अधिकारियों ने बताया कि वे इस समय सीमा को पूरा करने के लिए सत्यापन और पंजीकरण प्रक्रिया को गति दे रहे हैं ताकि केवल योग्य हाकर ही डिजिटल लाइसेंस प्राप्त कर सकें।