मुंबई महानगरपालिका चुनावों के लिए वार्ड आरक्षण की लॉटरी आज घोषित कर दी गई। चूंकि इस आरक्षण प्रक्रिया पर कई नेताओं का राजनीतिक भविष्य टिका हुआ है, इसलिए सभी दलों की निगाहें इस ऐलान पर केंद्रित रहीं। 227 सदस्यीय मुंबई महानगरपालिका का चुनाव इस बार भी राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है। आरक्षण तय होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है।
कितने वार्ड किसके लिए आरक्षित?
कुल 227 वार्डों में से 114 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके अलावा वर्गवार आरक्षण इस प्रकार है:
अनुसूचित जाति (SC): 15 वार्ड (8 महिला आरक्षित)
अनुसूचित जनजाति (ST): 2 वार्ड (1 महिला आरक्षित)
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 61 वार्ड (31 महिला आरक्षित)
सामान्य वर्ग (General): 149 वार्ड (74 महिला आरक्षित)
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आरक्षण पैटर्न से कई वरिष्ठ नेताओं के परंपरागत वार्ड प्रभावित होंगे, जिससे रणनीति और सीट-बंटवारे में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
कांग्रेस क्या अकेले मैदान में उतरेगी?
इस बीच, कांग्रेस के भीतर भी नए समीकरण बन रहे हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में कहा कि मुंबई महापालिका चुनाव में पार्टी अकेले लड़ने के मूड में है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अलग विचारधारा वाला वोट बैंक है और राज्य की अन्य महापालिकाओं में भी कई उम्मीदवार टिकट के लिए आवेदन कर रहे हैं।
वडेट्टीवार ने महायुती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता मौजूदा फैसलों से परेशान है और अब बदलाव चाहती है।
मुंबई महापालिका चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों में हलचल बढ़ चुकी है और वार्ड आरक्षण के बाद अब उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया और जोर पकड़ने वाली है।

