गडकरी के अनुसार, प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कोंकण से मुंबई तक का सफर और भी तेज़, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगा। मुंबई-गोवा फोर-लेन हाईवे पनवेल, रत्नागिरी, कोलाड, चिपलून और गोवा के कई हिस्सों से गुजरते हुए ग्रामीण इलाकों को भी जोड़ता है। पहले इसकी डेडलाइन 2025 रखी गई थी, लेकिन तकनीकी चुनौतियों और अन्य कारणों से प्रोजेक्ट में देरी हुई।
नई डेडलाइन के साथ उम्मीद है कि 2026 में यह पूरी तरह ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।
अभी जहां मुंबई से गोवा पहुंचने में 12 घंटे लगते हैं, वहीं इस हाईवे के शुरू होने पर यह सफर घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा। लगभग 466 किमी लंबे इस मार्ग पर 7300 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। प्रोजेक्ट में कई जगह बाईपास, अंडरपास और फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं, जिससे मानगांव, इंदापुर, पाली, लांजा और अन्य शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी कम होगी। गडकरी ने पुणे-कोल्हापुर और धुले-पिंपलगांव मार्गों को लेकर भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि धुले-पिंपलगांव फोर-लेन को सिक्स-लेन में अपग्रेड करने की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि पुणे-कोल्हापुर रोड अगले एक साल में तैयार होने की उम्मीद है।

