बारामती में बुधवार (4 फरवरी) को राजनीतिक गतिविधियां अचानक तेज हो गईं, जब पार्थ पवार और जय पवार ने शरद पवार से बंद कमरे में मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक पवार परिवार के गृहनगर बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान परिसर में हुई और करीब डेढ़ घंटे तक चली।
हालांकि बैठक के एजेंडे पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन चर्चा है कि जिला परिषद चुनावों में संभावित सहयोग और एनसीपी के दोनों गुटों के विलय जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। राजनीतिक गलियारों में इसे अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में एनसीपी प्रमुख और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया था। इसके तीन दिन बाद, 31 जनवरी को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले उन्हें पार्टी विधायक दल का नेता भी चुना गया था।
अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार खेमे ने दावा किया था कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर बातचीत अंतिम चरण में थी और इसकी घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की गई थी। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विलय की चर्चाओं से इनकार करते हुए कहा था कि अगर ऐसा कुछ होता, तो उन्हें इसकी जानकारी दी जाती। इस पर शरद पवार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चूंकि फडणवीस इन चर्चाओं का हिस्सा नहीं थे, इसलिए उन्हें टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।