मुंबई से सामने आए एक गंभीर मामले में कानून की रक्षा करने वाले ही संदेह के घेरे में आ गए हैं। बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ चलाए गए एक विशेष ऑपरेशन के दौरान एटीसी सेल से जुड़े चार पुलिसकर्मियों पर नकदी और सोने के गहने चोरी करने का आरोप लगा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने बिना देरी किए सख्त कदम उठाया। ज़ोन-6 की टीम ने आरसीएफ पुलिस स्टेशन में तैनात एक सहायक पुलिस निरीक्षक और तीन कांस्टेबलों को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान जब्त किए गए सामान में से नकदी और कीमती आभूषण गायब कर दिए गए।
इस पूरे मामले का खुलासा एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने आंतरिक जांच के आदेश दिए। जांच में यह सामने आया कि बरामद सामग्री का सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं किया गया था और कई महंगे सामान सूची से गायब थे।
जांच में मिले सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपों को सही पाया गया, जिसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है और वर्दी पहनने वाला भी नियमों से ऊपर नहीं हो सकता।
यह घटना पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। मामले की जांच जारी है और दोष सिद्ध होने पर आरोपियों पर कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।