संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्रीय उद्यान करने का प्रस्ताव
महाराष्ट्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है जिसमें संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान का नाम इसके पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने की मांग की गई है। साथ ही, इस प्रस्ताव में राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्र में एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना भी शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (वन्यजीव) द्वारा राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) को भेजा गया है। नाम परिवर्तन के मुद्दे को सरकार द्वारा लिए जाने वाले एक नीतिगत निर्णय के रूप में देखा जा रहा है, जबकि वन अधिकारी राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षित क्षेत्र में विश्वविद्यालय निर्माण के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं।
अधिकारी यह चेतावनी दे रहे हैं कि बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य, परिवहन सुविधाओं का विस्तार, सार्वजनिक आवागमन में वृद्धि और संस्थागत विकास से पार्क के वन्यजीव आवासों को नुकसान पहुंचेगा और मुंबई के इस महत्वपूर्ण हरित क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन में गड़बड़ी हो सकती है। इसके अलावा, इस प्रकार की गतिविधियाँ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और वन संरक्षण कानूनों के प्रावधानों का उल्लंघन भी कर सकती हैं।
इस प्रस्ताव ने जनता में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, जिसमें कई नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता जताई है, साथ ही सार्वजनिक स्थल के नामकरण में राजनीतिक हस्तक्षेप की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए हैं।
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