द्वारका एक्सप्रेसवे के निवासियों ने ई-केब और स्कूल बसों के लिए टोल छूट की मांग की
द्वारका एक्सप्रेसवे के निवासियों ने टोल प्लाज़ा पर ई-केब और स्कूल बसों पर लगने वाले शुल्क में राहत की मांग उठाई है, क्योंकि टोल के कारण उनके रिश्तेदार और परिचित क्षेत्र में कम आने लगे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि टोल चार्ज के कारण परिवहन महंगा हो गया है, जिससे उनकी यात्राओं की संख्या घट गई है। ई-केब संचालकों के लिए यह खासतौर से चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। स्कूल बस संचालकों ने भी टोल में छूट की मांग की है, ताकि वे बच्चों को सुगमता से लाना-ले जाना जारी रख सकें।
टोल प्लाज़ा की स्थापना द्वारका एक्सप्रेसवे पर यातायात की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई थी, लेकिन स्थानीय लोग इसे आर्थिक बोझ के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि टोल में राहत नहीं दी गई तो इसका प्रभाव क्षेत्रीय विकास और लोग़ों के रहन-सहन पर नकारात्मक पड़ेगा।
स्थानीय प्रशासन से निवासियों ने अपील की है कि ई-केब और स्कूल बसों के लिए टोल शुल्क में छूट प्रदान की जाए ताकि परिवहन लागत में कमी आ सके और समुदाय की गतिशीलता बनी रहे। निवासियों के अनुसार, इससे द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी।
इस मामले पर अधिकारी अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाए हैं। हालांकि, आने वाले दिनों में इस मुद्दे की चर्चा और संभवतः समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक करने की संभावना है।
द्वारका एक्सप्रेसवे पर यह समस्या परिवहन के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की ओर इशारा करती है, जो व्यापक स्तर पर स्थानीय जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, एक संतुलित और व्यावहारिक समाधान खोजने की आवश्यकता है।