माना जा रहा है कि नगर निगम की ओर से जनवरी के पहले सप्ताह तक इसे चालू किया जाएगा। एनजीटी ने साफ कहा कि केवल पुराने कूड़े के निस्तारण से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ताजा कूड़े के वैज्ञानिक प्रबंधन की व्यवस्था भी सामान रूप से करनी होगी। ट्रिब्यूनल ने पुराने कूड़े के शीघ्र निस्तारण पर जोर देते हुए लीचेट प्रबंधन सहित अन्य ट्रिब्यूनल ने सुनवाई के दौरान पर्यावरणीय उपायों को भी प्रभावी ढंग से बंधवाड़ी लैंडफिल मामले की एनजीटी में हुई सुनवाई के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सख्ती से भविष्य में लैंडफिल पर कूड़े का बोझ पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि दोबारा न बढ़े और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
एनजीटी ने कहा कि लैंडफिल से निकलने वाला लीचेट आसपास के पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए इसके समुचित उपचार और निस्तारण की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। बता दें कि बंधवाड़ी लैंडफिल पर 15 लाख टन पुराना कूड़ा पड़ा है। प्रतिदिन 2200 टन कूड़ा बंधवाड़ी लैंडफिल पर पहुंच रहा है, जिसमें फरीदाबाद से भी लगभग 900 से एक हजार टन कूड़ा भेजा जा रहा है। लैंडफिल पर लगाएं फायर सेफ्टी सिस्टम बंधवाड़ी लैंडफिल से जुड़े मामले की नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान एनजीटी ने नगर निगम अधिकारियों को लैंडफिल पर आग की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने और ताजा कूड़े के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एनजीटी के आदेश के बाद भी फरीदाबाद का कूड़ा अब तक आना नहीं बंद हुआ है। नगर निगम की ओर से कूड़े के पहाड़ को खत्म करने की कवायद की जा रही है। नगर निगम अधिकारी व आस-पास गांव के लाेगों को फरीदाबाद से आने वाले कूड़े की चिंता साल रही है।

