जीवन मिशन आवास योजना को समाप्त करने का कोई निर्णय नहीं, केरल सरकार का स्पष्टिकरण
केरल के स्थानीय स्वशासन मंत्री के. एम. शाजी ने स्पष्ट किया है कि राज्य की यूडीएफ सरकार के पास जीवन मिशन आवास योजना को समाप्त करने या भंग करने का कोई निर्णय नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं को अधिकार पुनः सौंपना योजना को रद्द करने के समान नहीं है।
मंत्री ने सरकार की प्राथमिकता को इस योजना की कमियों की पहचान कर उन्हें सुधारना बताया। उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार का दृष्टिकोण मौजूदा योजनाओं को समाप्त करने के बजाय उन्हें बेहतर बनाना है, जिससे लाभार्थियों के हितों की रक्षा हो सके।
जीवन मिशन योजना के तहत गरीब एवं भूमिहीन परिवारों को पक्के आवास मुहैया कराने का उद्देश्य है। पिछले कई वर्षों से यह योजना केरल में सक्रिय है और हजारों परिवारों को लाभ पहुंचा चुकी है। शाजी ने इस योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका निरंतर संचालन राज्य के सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है।
स्थानीय स्वशासन मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम सभा अधिकारों की बहाली का लक्ष्य लोक सहभागिता और पारदर्शिता बढ़ाना है, जिससे योजना संचालन में सुधार आए। इस पहल से जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भूमिका मिलेगी, जिससे योजनाओं की सफलताएं और बढ़ेंगी।
राज्य सरकार ने कहा है कि योजना के प्रत्येक पहलू की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकतानुसार सुधार किए जाएंगे, लेकिन इसके निराकरण या रद्दीकरण का कोई विचार नहीं है। इस प्रकार के दावों को गलत और भ्रमित करने वाला बताया गया है।
इस स्पष्टिकरण के साथ ही सरकार ने जीवन मिशन योजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता फिर से जताई है, और भरोसा दिलाया है कि यह योजना भविष्य में भी समान रूप से जारी रहेगी, जिससे राज्य के जरूरतमंदों को स्थायी आवास उपलब्ध हो सके।