नोएडा अथॉरिटी ने अपनी जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी के तहत प्रदूषण रोकथाम को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। शहर में धूल और निर्माण संबंधी प्रदूषण फैलाने वालों पर कुल ₹15 लाख का जुर्माना लगाया गया है। निगरानी के लिए 14 स्पेशल टीमें लगातार फील्ड में तैनात हैं, जो नियम उल्लंघन पर तुरंत एक्शन ले रही हैं।
इसी बीच, जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी पूरी तरह तैयार हो चुका है। अब एयरपोर्ट को केवल एयरोड्रम लाइसेंस और प्रधानमंत्री कार्यालय से उद्घाटन की तिथि का इंतज़ार है। एशिया के सबसे बड़े और दुनिया के चौथे सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में विकसित होने वाला यह प्रोजेक्ट जनता के लिए खुलने के कगार पर है।
इस एयरपोर्ट को साकार होते हुए 24 साल बीत गए। इन वर्षों में प्रोजेक्ट कभी जेवर, कभी हिरनगांव, हिसार, झज्जर, आगरा और मथुरा के बीच घूमता रहा। लेकिन नवंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिलान्यास के बाद प्रोजेक्ट को निर्णायक गति मिली। आज चार साल बाद, एयरपोर्ट उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार है।
एयरपोर्ट का विचार पहली बार 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्र सरकार को भेजे प्रस्ताव के साथ रखा था। 2008 में, मायावती सरकार ने फिर से जेवर में एयरपोर्ट की पैरवी की और यमुना अथॉरिटी से 5,000 हेक्टेयर जमीन भी रिज़र्व करवाई, लेकिन केंद्र की कांग्रेस सरकार की उदासीनता के कारण प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका।
2012 में अखिलेश यादव सरकार ने इस योजना को रोक दिया। बाद में राज्य सरकार ने हिरनगांव और आगरा के एत्मादपुर में वैकल्पिक लोकेशन प्रस्तावित की। इस खींचतान में प्रोजेक्ट वर्षों तक फंसा रहा।
स्थिति तब बदली जब 2015 में स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री बने और प्रोजेक्ट को फिर गति मिली। 2017 में प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जेवर में एयरपोर्ट की घोषणा के बाद प्रोजेक्ट पटरी पर लौट आया। जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह की लगातार पैरवी भी इस फैसले में महत्वपूर्ण रही।
25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास किए जाने के साथ ही जेवर का यह सपना हकीकत बनने लगा। अब भूमि अधिग्रहण, निर्माण और सभी तकनीकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं—इंतजार है तो सिर्फ लाइसेंस और उद्घाटन तिथि का।
जेवर एयरपोर्ट के 24 वर्षों की प्रमुख समयरेखा
2001: राजनाथ सिंह ने जेवर एयरपोर्ट का प्रस्ताव केंद्र को भेजा।
2008: मायावती सरकार ने पुनः प्रस्ताव भेजा और जमीन रिज़र्व कराई।
2012: अखिलेश सरकार ने प्रोजेक्ट रोक दिया।
2013: हिरनगांव (टूंडला) में नया प्रस्ताव भेजा।
2014: आगरा के एत्मादपुर में एयरपोर्ट प्रस्ताव रखा गया।
2017: योगी सरकार ने फिर से जेवर में एयरपोर्ट की घोषणा की।
2018: नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिली।
2019: ज्यूरिख इंटरनेशनल को 40 साल का डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट।
2020: छह गांवों से 1,239 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण पूरा।
2021: प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर में एयरपोर्ट का शिलान्यास किया।