नोएडा में सामने आए अब तक के सबसे बड़े साइबर ठगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस केस के मुख्य आरोपी सुधाकर गर्ग को रोहतक से गिरफ्तार किया गया है। वह देश के 9 राज्यों में मोस्ट वॉन्टेड था और चीन में बैठे साइबर ठगों के इशारे पर भारत में ठगी की रकम को इधर-उधर करने का काम कर रहा था। जांच में सामने आया है कि बीते एक साल में सुधाकर के बैंक खातों से करीब 35 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ।
पुलिस के मुताबिक ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की। इसी तरह व्यापारी इंद्रपाल चौहान को एक महिला ने मैसेज भेजकर शेयर बाजार में निवेश से मोटा लाभ कमाने का झांसा दिया। बाद में उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां 17 दिनों तक फर्जी ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई और एक ऐप डाउनलोड करवाया गया।
विश्वास कायम करने के लिए पहले 50 हजार रुपये निवेश कराए गए और उस पर 15 फीसदी मुनाफा दिखाया गया। इतना ही नहीं, करीब 9 लाख रुपये मुनाफे के रूप में उनके खाते में वापस भी भेजे गए। इसके बाद पीड़ित पूरी तरह जाल में फंस गया और 9 किश्तों में 11 करोड़ 99 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पूछताछ में सुधाकर ने बताया कि वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए राशिद खान से हुई थी। राशिद ने उसे अमीर बनने का सपना दिखाया और चीन के साइबर ठगों से जोड़ दिया। इसके बाद सुधाकर को मुंबई बुलाकर जीएसटी फर्म के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाए गए। ठगी की रकम में से राशिद को 7 से 10 प्रतिशत और सुधाकर को 3 से 4 प्रतिशत हिस्सा मिलता था। चीनी ठग भुगतान क्रिप्टो करेंसी में करते थे, जिसे ये लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बेचकर भारतीय मुद्रा में बदलते थे।
इस गिरोह पर कार्रवाई करते हुए मुंबई और हैदराबाद पुलिस पहले ही राशिद के चार साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।