उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब बड़ी औद्योगिक कंपनियां अपने भूखंड का कुछ हिस्सा छोटी सहयोगी कंपनियों को सब-लीज पर दे सकेंगी। इससे बड़े उद्योगों के साथ छोटी इकाइयों को भी कारोबार शुरू करने का मौका मिलेगा।
अब तक छोटी औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन हासिल करना आसान नहीं था। कई मामलों में भूखंड नीलामी के जरिए आवंटित किए जाते थे, जिससे बड़ी कंपनियों के साथ काम करने वाली छोटी इकाइयों को परेशानी होती थी।
सरकार के नए फैसले से इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। बड़ी कंपनियों के आसपास उनके लिए जरूरी सामान और सेवाएं उपलब्ध कराने वाली छोटी इकाइयां भी स्थापित हो सकेंगी
जब किसी बड़ी कंपनी को जरूरी सामान दूसरी जगहों से मंगाना पड़ता है, तो उत्पादन में देरी हो सकती है। लेकिन सहयोगी इकाइयां आसपास होने से जरूरी सामान समय पर मिल सकेगा। इससे उत्पादन तेज होगा और कंपनियों के कामकाज में भी सुधार आएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में एचसीएल और फॉक्सकॉन की संयुक्त कंपनी इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड ने अपने आवंटित भूखंड के एक हिस्से में सहयोगी इकाइयां विकसित करने के लिए सब-लीज की अनुमति मांगी थी। सरकार के इस फैसले से ऐसी कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले पतंजलि समूह को भी यमुना सिटी के सेक्टर 24A में आवंटित 430 एकड़ जमीन में से 20 प्रतिशत हिस्से को सब-लीज पर देने की अनुमति दी गई थी। इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई थीं।
सरकार के इस कदम से नोएडा और यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। बड़ी कंपनियों के साथ छोटी सहयोगी इकाइयों को भी कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने और औद्योगिक विकास को गति मिलने की संभावना है।

