नोएडा में एक महिला वकील को कथित तौर पर करीब 14 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने, उत्पीड़न और धमकी देने के मामले में Supreme Court of India ने संज्ञान लिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में Noida Police को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित थाने का सीसीटीवी फुटेज सील बंद लिफाफे में पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन से भी इस पूरे मामले पर विस्तृत जवाब तलब किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जांच से जुड़े किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी 2026 को होगी।
याचिका में महिला वकील ने आरोप लगाया है कि 13 दिसंबर की रात उन्हें पेशेवर कर्तव्यों के दौरान पुलिस थाने में रोका गया, जहां उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के साथ जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।