हैदराबाद, तेलंगाना। तेलंगाना सरकार ने मानव पेपिलोमावायरस (HPV) के खिलाफ लड़कियों को टीकाकरण अभियान में पहला महीना पूरा कर लिया है। इस दौरान राज्य भर में 24,000 से अधिक लड़कियों को HPV वैक्सीन दी गई है, जो कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए बेहद जरूरी है। खास बात यह है कि खम्मम जिले ने इस अभियान में अव्वल स्थान प्राप्त किया है जबकि नरायणपेट जिले में वैक्सीनेशन का स्तर सबसे कम रहा है।
HPV वैक्सीन का उद्देश्य खासतौर पर युवा लड़कियों को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव प्रदान करना है। तेलंगाना सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रदेश के विभिन्न जिलों में व्यापक स्तर पर यह अभियान चलाया है। इस पहलकदमी के तहत 9 से 14 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों को प्राथमिकता दी गई है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, खम्मम जिले में अभूतपूर्व जागरूकता और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता के कारण यहां वैक्सीनेशन का प्रतिशत अधिक रहा है। इसके उलट नरायणपेट जिले में ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी, संचार के अभाव और लोअर रिसोर्स की वजह से अभियान की गति धीमी पड़ी है।
तेलंगाना स्वास्थ्य मंत्री ने इस सफलता को राज्य की अच्छी स्वास्थ्य नीति और समन्वित प्रयास की वजह बताया है। उन्होंने साथ ही कहा कि नरायणपेट जिले में अधिक प्रभावी रणनीति अपनाई जाएगी ताकि वहां भी अधिक लड़कियों को वैक्सीन मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि HPV वैक्सीनेशन से कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ये वैक्सीन लड़कियों को भविष्य में संभावित HPV संक्रमण से सुरक्षित रखती है, जिससे गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की घटना घटती है। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र के परिवारों में जागरूकता भी बढ़ाता है।
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को HPV वैक्सीन जरूर लगवाएं और दोस्तों व रिश्तेदारों में इसका प्रचार-प्रसार करें। टीकाकरण के लिए जिले के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्र खुले हुए हैं और वहां प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी इस सेवा को उपलब्ध करा रहे हैं।
कुल मिलाकर यह HPV वैक्सीनेशन अभियान तेलंगाना के लिए एक बड़ा कदम है, जो लड़कियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करता है। आने वाले महीनों में उम्मीद जताई जा रही है कि और जिले भी खम्मम के उदाहरण का अनुसरण करेंगे और इस कार्यक्रम को सफल बनाएंगे।