नगर निगम क्षेत्र में चल रहे 1300 से अधिक पीजी संचालकों पर प्रॉपर्टी टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। संचालकों की ओर से रिहायशी दर पर भुगतान किया जाता है। जबकि इन पर व्यवसायिक दर लगना चाहिए। ऐसे में निगम की टैक्स शाखा की ओर से दुबारा से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा करने के बाद इनसे टैक्स वसूला जाएगा। टैक्स न देने वालों की प्रॉपर्टी सील होगी।
बता दें कि डिफाल्टरों पर गुरुग्राम नगर निगम का 380 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स बकाया है। अब निगम ने ऐसे डिफाल्टरों की सूची तैयार कर ली है। अब तक निगम ने कुल 80 बड़ी डिफाल्टर प्रापर्टी को सील किया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि घटते राजस्व को बढ़ाने के लिए अब बकाया प्रापर्टी टैक्स की वसूली की जाएगी। नोटिस जारी किए जा रहे हैं, अगर इसके बावजूद भी टैक्स का भुगतान नहीं किया तो प्रापर्टी को सील करेग।
गुरुग्राम: पीजी, रेजिडेंशियल की दर से टैक्स का भुगतान, सर्वे पूरा कर नोटिस देने की तैयारी

