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दिल्ली: गरीब परिवारों को मिलेंगे बड़े घर

दिल्ली सरकार ने भलस्वा स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के कमरों का आकार बढ़ा दिया है, जिससे लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक बड़े और सुविधाजनक घर मिलेंगे। पुराने फ्लैटों के डिजाइन में बदलाव कर उनका कारपेट एरिया चार से पांच वर्गमीटर तक बढ़ाया गया है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बृहस्पतिवार को परियोजना का निरीक्षण करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अंतिम दौरे के बाद पात्र झुग्गी परिवारों को इन फ्लैटों का चरणबद्ध आवंटन शुरू हाेगा। शहरी विकास मंत्री ने भलस्वा स्थित ईडब्ल्यूएस आवास परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ फ्लैटों के कमरों, फर्श और नए निर्माण कार्य का जायजा लिया। मंत्री ने बताया कि पहले से बने फ्लैटों का स्वरूप बदलकर उन्हें आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक फ्लैट का कारपेट एरिया कम से कम चार से पांच वर्गमीटर तक बढ़ाया गया है, ताकि परिवारों को रहने के लिए पहले से अधिक जगह मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मकान देना नहीं, बल्कि ऐसा घर देना है जिसमें गरीब परिवार सम्मान और सुविधा के साथ रह सकें।वर्षों से इंतजार कर रहे परिवारों के लिए राहतदिल्ली की अनेक झुग्गी बस्तियों में रहने वाले हजारों परिवार लंबे समय से स्थायी आवास मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

भलस्वा में तैयार 7400 ईडब्ल्यूएस फ्लैट भी काफी समय से आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने की राह देख रहे हैं। परियोजना अंतिम चरण में है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही आसपास की झुग्गियों में रहने वाले पात्र परिवारों को चरणबद्ध तरीके से इन फ्लैटों का आवंटन शुरू कर दिया जाएगा। ऐसे में वर्षों से अपने नाम पक्के घर की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह परियोजना नई उम्मीद लेकर आई है।

मुख्यमंत्री करेंगी अंतिम निरीक्षणमंत्री ने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता परियोजना का संयुक्त निरीक्षण करेंगी। उनके सुझावों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री और संबंधित अधिकारियों से अंतिम सहमति ली जाएगी। इसके बाद आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी ताकि पात्र परिवारों को बिना किसी परेशानी के मकान मिल सके। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पुराने बने फ्लैटों को प्रधानमंत्री आवास योजना के मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )