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दिल्ली: जिला परिवहन कार्यालयों (डीटीओ) और परिवहन परिसरों के व्यापक कायाकल्प की तैयारी

दिल्ली सरकार राजधानी के जिला परिवहन कार्यालयों (डीटीओ) और परिवहन परिसरों के व्यापक कायाकल्प की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को बुराड़ी स्थित परिवहन विभाग के विभिन्न परिसरों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को पुराने परिसरों के पुनर्विकास के लिए समग्र मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। सरकार का उद्देश्य इन परिसरों को नागरिक-अनुकूल सुविधाओं से युक्त मॉडल ट्रांसपोर्ट सेवा केंद्रों के रूप में विकसित करना है।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस), डीटीओ कार्यालय, वाहन निरीक्षण इकाई और हेवी मोटर व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार केवल नए भवन बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है जहां नागरिकों को सम्मानजनक, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें।
आवेदकों से सीएम ने की बात, अफसरों को लगाई फटकार

डीटीओ कार्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षण के लिए आए आवेदकों से बातचीत की। कई लोगों ने लंबी प्रतीक्षा, बैठने की अपर्याप्त व्यवस्था और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से भवन के बाहर इंतजार न करना पड़े। उन्होंने पर्याप्त क्षमता वाले आधुनिक प्रतीक्षालय विकसित करने को कहा, जहां बैठने की सुविधा, ठंडा पेयजल, पंखे, कूलर और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध हों।

केवल मरम्मत से नहीं चलेगा काम…
मुख्यमंत्री ने परिसर की मौजूदा स्थिति पर असंतोष जताते हुए कहा कि केवल मरम्मत से काम नहीं चलेगा। आवश्यकता पड़ने पर पूरे परिसर का पुनर्विकास किया जाएगा। उन्होंने ऐसा मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए जिसमें नागरिक सुविधाओं, पार्किंग, हरित क्षेत्र, प्रशासनिक कार्यालयों और प्रशिक्षण केंद्रों को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन एटीएस की प्रगति की भी समीक्षा की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने वाहन निरीक्षण इकाई का निरीक्षण कर उसे आधुनिक तकनीकों के अनुरूप अपग्रेड करने के निर्देश दिए। हेवी मोटर व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में उन्होंने प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों से संवाद किया और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण प्रणाली की सराहना की। साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता का समय-समय पर स्वतंत्र मूल्यांकन कराने का सुझाव भी दिया।
नए स्टेशन में एक समय में पांच वाहनों की हो सकेगी जांच
अधिकारियों के अनुसार, नए स्टेशन में एक समय में पांच वाहनों की जांच की जा सकेगी और इसकी वार्षिक क्षमता 80 से 90 हजार व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच की होगी। मुख्यमंत्री ने परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग तथा भूजल पुनर्भरण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )