एनडीएमसी अगले महीने होने वाली इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी को लेकर जोर-शोर से तैयारियों का दावा कर रही है, लेकिन नई दिल्ली इलाके की सड़कों पर लगे 16 साल पुराने साइनेज बोर्ड बदलने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ये साइनेज कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले लगाए गए थे और इनकी तय उम्र 10 साल थी। इन साइनेज को बदलने के लिए गत दो वर्ष से ऐलान किया जा रहा है और इस संबंध में एक साल पहले योजना को स्वीकृति भी दी जा चुकी है।
एनडीएमसी ने 2010 में नई दिल्ली इलाके में करीब 6500 साइनेज लगाए थे, लेकिन अब इनमें से बड़ी संख्या में अपनी उपयोगिता खो चुके हैं। मौजूदा समय में हरे रंग के ये साइनेज कई जगहों पर जर्जर हालत में हैं, कुछ पूरी तरह गायब हो चुके हैं और रात के समय तो अधिकतर साइनेज दिखाई ही नहीं देते हैं, क्योंकि इनकी चमक खत्म हो चुकी है, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों को रास्ता ढूंढने में भारी परेशानी हो रही है एनडीएमसी ने पिछले दो बजटों में नए और आधुनिक नीले रंग के साइनेज लगाने का ऐलान किया था। पिछले साल इस योजना को स्वीकृति भी दी गई, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ है। हाल ही में जब एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा की ओर से अगले वित्तीय वर्ष के बजट प्रावधानों के बारे में बताने के दौरान साइनेज बदलने की योजना शुरू नहीं होने के बारे में जब पूछा तो उन्होंने मुकरते हुए कहा कि फिलहाल साइनेज बदलने को लेकर कोई नई योजना प्राथमिकता में नहीं है।
द्वारका से आए पर्यटक मनोज ने बताया कि हम इंडिया गेट से खान मार्केट जाना चाहते थे, लेकिन साइनेज दिखाई नहीं दिए। वहीं ऑटो चालक राजेश कुमार कहते है कि रात में हालत और खराब हो जाती है। साइनेज दिखते ही नहीं हैं। बाहर से आने वाले लोग पूछते रहते हैं कि रास्ता कहां है। विकासपुरी निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि रात के समय कई बार गलत मोड़ ले लेना आम बात हो गई है। साइनेज सही होते तो समय बचता एनडीएमसी क्षेत्र में रोजाना लाखों लोग आते-जाते हैं। इसमें सरकारी कर्मचारी, विदेशी पर्यटक, कारोबारी और आम नागरिक शामिल हैं। ऐसे में खराब साइनेज न केवल असुविधा पैदा कर रहे हैं, बल्कि राजधानी की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।