बेलगावी में नई ई-खाता और कावेरी 2 प्रणाली से संपत्ति लेन-देन में गंभीर अड़चनें
बेलगावी में नई ई-खाता और कावेरी 2 सिस्टम के लागू होने से संपत्ति के लेन-देन में बड़े पैमाने पर रुकावट आई है, जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं। यह बदलाव विशेष रूप से पेरप्चुअल लीज संपत्तियों और कंपनी स्वामित्व वाली संपत्तियों के मामले में जटिलताएं उत्पन्न कर रहा है।
बेलगावी सांसद जगदीश शेट्टर ने इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि इन नई प्रणालियों के कारण लेन-देन ठप हैं, जिससे राजस्व संग्रह पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और वित्तीय दबाव बढ़ा है। उन्होंने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने और सिस्टम में सुधार करने की मांग की है ताकि सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।
जानकारी के अनुसार, ई-खाता और कावेरी 2 प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं की वजह से उपयोगकर्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्पष्ट नियमों की कमी और प्रक्रियाओं में जटिलता के कारण खरीदारों और विक्रेताओं को संपत्ति दस्तावेजों की सत्यापित जांच और स्वामित्व स्थानांतरण में समस्याएं आ रही हैं।
इस स्थिति के बीच स्थानीय प्रशासन और भूमि विभाग को व्यापक सुधार आवश्यक हो गया है ताकि प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जा सके। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि इन प्रणालियों को ठीक ठहराने के लिए अंगीकार किए गए सुधारों में व्यापक समीक्षा और तकनीकी सहायता शामिल होनी चाहिए।
अंततः, इन बाधाओं का प्रभाव संपत्ति बाजार पर गहरा पड़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इसीलिए, सभी संबंधित पक्षों द्वारा समन्वयित प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि बेलगावी के नागरिकों को सुरक्षित और भरोसेमंद संपत्ति लेन-देन की सुविधा मिल सके।