नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (डूसू) में पोस्टर, बैनर, वॉल पेंटिंग, होर्डिंग्स लगाना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। डीयू प्रशासन ने डूसू चुनाव को स्वच्छ और अनुशासित बनाने के लिए सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में प्रत्याशियों को ई-कैंपेनिंग (ईमेल, मैसेजिंग एप, सोशल मीडिया) के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना भी शामिल है।डीयू ने हाल ही में यूनिवर्सिटी कमेटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी का गठन किया है। इस समिति में विश्वविद्यालय के एस्टेट ऑफिसर प्रो. बिपिन कुमार तिवारी, कुलपति के नामित संकाय प्रतिनिधि, दिल्ली पुलिस, डीएमआरसी और नगर निगम के अधिकारी शामिल हैं। हर कॉलेज के प्राचार्य को अपने-अपने परिसर और आसपास के क्षेत्रों में एंटी-डिफेसमेंट हेड नियुक्त किया गया है। अब उनकी जिम्मेदारी होगी कि कॉलेज के शिक्षक और अन्य कर्मचारी मिलकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पोस्टर ना हो या दीवार पर कुछ लिखा ना हो।
प्रत्येक कॉलेज को तुरंत कॉलेज कमेटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी गठित करनी होगी। इस समिति के नाम और संपर्क विवरण कॉलेज की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।
इस समिति का काम चुनाव के दौरान और बाद में निगरानी रखकर उल्लंघन की घटनाओं को रिकॉर्ड करना और संबंधित अधिकारियों को सूचित करना होगा। प्रत्याशियों के लिए नामांकन फॉर्म में लिखित शपथपत्र होगा कि प्रत्याशी और समर्थक डिफेसमेंट नहीं करेंगे। कॉलेज में वॉल ऑफ डेमोक्रेसी होंगी।
जहां हस्तनिर्मित पोस्टर और नारे प्रदर्शित किए जा सकेंगे। निर्देशों में कहा गया है कि किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कॉलेज को तुरंत रिपोर्ट करनी होगी और दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी होगी। इसमें चुनाव से अयोग्यता या अन्य दंड शामिल होंगे। डीयू की ओर से उठाए गए इन सख्त कदमों से साफ है कि डूसू चुनाव अब ईमानदारी, अनुशासन और डिजिटल प्रचार की दिशा में ही आगे बढ़ेंगे।