पश्चिमी दिल्ली में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने जनकपुरी पंखा रोड पर प्रस्तावित फ्लाईओवर की तैयारी कर ली है। यह फ्लाईओवर डेसू कॉलोनी से जनकपुरी डी-ब्लॉक तक बनाया जाएगा।
यमुना नदी पर 1518 करोड़ रुपये की लागत से बने सिग्नेचर ब्रिज की देखरेख अब लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) करेगा। दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के अनुरोध पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। नवंबर 2018 में बने इस ब्रिज की जटिल संरचना और फंड की कमी के चलते रखरखाव में लगातार दिक्कतें सामने आ रही थीं।
डीटीटीडीसी ने पीडब्ल्यूडी को कई पत्र लिखे थे। अब पीडब्ल्यूडी ब्रिज के वार्षिक रखरखाव पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए विभाग ने निविदा जारी कर दी है। बता दें कि सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) ने किया था। निर्माण के बाद शुरुआती तीन वर्षों तक देखरेख की जिम्मेदारी भी डीटीटीडीसी की ही थी, जिसके लिए सरकार ने पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया था। अब फंड समाप्त हो चुका है और जटिल संरचना के कारण ब्रिज की नियमित देखरेख में दिक्कतें आ रही थीं। अधिकारियों के मुताबिक, समय पर रखरखाव न होने पर यह ब्रिज खतरनाक भी हो सकता है।
सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम, दो गार्ड होंगे तैनात
अधिकारियों के अनुसार, ब्रिज पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती के साथ दोनों ओर ग्रिल लगाने की योजना है। ग्रिल न होने के कारण वर्ष 2019 से अब तक यहां से यमुना में कूदकर 26 लोग जान दे चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने भी ग्रिल लगाने का सुझाव दिया था। फिलहाल पीडब्ल्यूडी ने चोरी की घटनाएं रोकने के लिए रात में एक सशस्त्र और दिन में दो सुरक्षा गार्ड तैनात करने का फैसला लिया है।
पंखा रोड पर फ्लाईओवर की तैयारी डीपीआर बनाने के लिए 2 करोड़ मंजूर
पश्चिमी दिल्ली में ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग ने जनकपुरी पंखा रोड पर प्रस्तावित फ्लाईओवर की तैयारी कर ली है। यह फ्लाईओवर डेसू कॉलोनी से जनकपुरी डी-ब्लॉक तक बनाया जाएगा। फीजिबिलिटी स्टडी और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। विभाग ने इसके लिए 2 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर (फ्लाईओवर) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कहा गया है कि यह परियोजना क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित फ्लाईओवर करीब 700 मीटर लंबा होगा, जिससे जनकपुरी क्रॉसिंग सिग्नल-फ्री बन सकेगी। कंसल्टेंट ट्रैफिक वॉल्यूम के आधार पर यह तय करेंगे कि फ्लाईओवर या अंडरपास अधिक उपयुक्त होगा। यह परियोजना तिलक नगर, हरि नगर, उत्तम नगर समेत आसपास के लाखों निवासियों को राहत देगी। जनकपुरी के विधायक और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि निवासियों की लंबे समय से मांग थी कि यहां फ्लाईओवर या एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाए। अब फीजिबिलिटी स्टडी के बाद डीपीआर तैयार होगी, जिसके आधार पर निर्माण कार्य शुरू होगा।

