बीजेपी और आरएसएस के मुखर आलोचक राहुल गांधी ने देश की महानता और उसे गढ़ने वाले मूल्यों पर बड़ा बयान दिया है। केंद्र सरकार और मौजूदा सिस्टम पर निशाना साधते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में ऐसे लोग दिखते हैं, जो बहुत कुछ मानते तो हैं, लेकिन बोलने का साहस नहीं करते। उन्होंने जोर देकर कहा, “महान देश खामोशी से नहीं बनते। महान देश और महान लोग तब बनते हैं, जब वे अपने विचार खुलकर रखते हैं और उनके लिए संघर्ष करते हैं।”
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने आगे कहा कि खामोशी की संस्कृति के भीतर लालच छिपा होता है। भाव यह होता है कि जब तक अपनी जरूरतें पूरी हो रही हैं, तब तक आसपास क्या हो रहा है, उससे फर्क नहीं पड़ता। “लोगों का अपमान होते देखना, लोगों को मरते या मारे जाते देखना—सब चलता है, बस मैं सुरक्षित रहूं। ऐसी लालच भरी चुप्पी किसी देश को महान नहीं बना सकती,” उन्होंने कहा।
यह बयान कोच्चि मरीन ड्राइव पर आयोजित UDF की महा पंचायत के दौरान आया, जहां करीब 15 हजार कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य निकाय चुनावों में जीत-हार वाले उम्मीदवारों को आगे की रणनीति से अवगत कराना और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरना था। कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी उपस्थित रहे।
केरल में कांग्रेस पिछले एक दशक से सत्ता से बाहर है और राहुल गांधी इस लंबे वनवास को खत्म करने के इरादे से पार्टी को अभी से चुनावी मोड में लाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव की घोषणा जल्द हो सकती है। ऐसे में पार्टी को एकजुट करने और संगठन को धार देने के लिए यह आयोजन किया गया। स्थानीय निकाय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस खेमे में उत्साह भी साफ नजर आ रहा है।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने केरल में 100 से अधिक विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। इसी रणनीति के तहत गठबंधन को मजबूत करने पर फोकस है। पार्टी ने विधानसभा चुनावों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन भी कर दिया है, जो केरल के साथ-साथ असम, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और पश्चिम बंगाल में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया देखेगी।