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राहुल गांधी ने आधारशिला रखी, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन; जानें सोनमर्ग टनल की खासियत

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Jan 13, 2025 #India, #RAHUL GANDHI

Report By : ICN Network
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Z-Morh (सोनमर्ग) टनल का उद्घाटन करेंगे। इस टनल से लद्दाख क्षेत्र को पूरे साल सड़क मार्ग से जोड़ा जा सकेगा। समारोह से पहले सुरक्षा बलों ने कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित की है। यह टनल सोनमर्ग को गगनगीर से जोड़ेगी, जिससे यातायात सुविधाजनक होगा और क्षेत्रीय पर्यटन एवम् विकास को भी बढ़ावा मिलेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह करीब 11:45 बजे जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित सोनमर्ग (जेड-मोड़) टनल का उद्घाटन करेंगे। यह टनल, जिसकी आधारशिला 2012 में राहुल गांधी ने रखी थी, कश्मीर घाटी की कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है। श्रीनगर-सोनमर्ग मार्ग पर स्थित यह सुरंग हर मौसम में यातायात को सुगम बनाएगी और सोनमर्ग क्षेत्र में सर्दियों के पर्यटन को प्रोत्साहन देगी

करीब 12 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 2,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। इसमें 6.4 किलोमीटर लंबी मुख्य सुरंग, एक निकास सुरंग और पहुंच मार्ग शामिल हैं। यह सुरंग समुद्र तल से 8,650 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और श्रीनगर, सोनमर्ग, और लेह के बीच हर मौसम में निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही लद्दाख क्षेत्र में सुरक्षित और सुगम पहुंच को भी बढ़ावा मिलेगा

सुरंग में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रैफिक को नियंत्रित करने में मदद करेगा। इसके अलावा, डेडिकेटेड एस्केप टनल से ट्रैफिक को सुगम और सुरक्षित बनाया गया है। इस परियोजना के निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे का उपयोग सड़क किनारे की सुविधाओं और स्थानीय क्षेत्र के विकास में किया गया है

प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर पुंछ जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के पास स्थित इस क्षेत्र में हाल ही में आतंकवादी गतिविधियां देखने को मिली हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य मार्गों पर विशेष नाके लगाए गए हैं और वाहनों की जांच की जा रही है जेड-मोड़ सुरंग के उद्घाटन से न केवल कश्मीर और लद्दाख की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नया आयाम मिलेगा

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}