की अनदेखी कर बिजली कटौती करने का आरोप लगाया है। निवासियों का कहना है कि 7 मई को जारी विद्युत निगम के आदेश में स्पष्ट किया गया था कि प्रीपेड मीटर से मेंटेनेंस शुल्क की कटौती अवैध है और बकाया शुल्क के नाम पर बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जा सकती। इसके बावजूद एओए कथित रूप से मेंटेनेंस चार्ज काट रही है।सोसाइटी निवासी तनीश मल्होत्रा ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच लगातार ट्रिपिंग और बिजली कटौती से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि मेंटेनेंस विवाद को लेकर बिजली काटना यूपीईआरसी सप्लाई कोड 2023-24 के नियमों का उल्लंघन है। निवासियों ने विद्युत निगम, जिला प्रशासन और एसडीएम दादरी से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं एओए का कहना है कि लंबे समय से इसी व्यवस्था के तहत मेंटेनेंस शुल्क लिया जा रहा है और यदि किसी निवासी को आपत्ति है तो वह बैठक में अपनी बात रख सकता है।

