आयुष तिवारी को 2025 एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म का अन्वेषणात्मक पत्रकारिता पुरस्कार
स्क्रोल के पत्रकार आयुष तिवारी को रविवार को 2025 एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म (ACJ) के अन्वेषणात्मक पत्रकारिता श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनके साइबर अपराध पर अप्रैल एवं मई 2025 में प्रकाशित विशेष अनुसंधान श्रृंखला के लिए दिया गया।
तिवारी ने अपनी रिपोर्टिंग में साउथईस्ट एशिया के मुख्य रूप से कंबोडिया, म्यांमार और लाओस में चलाये जा रहे चीनी अपराध सिंडिकेटों के साइबर अपराध केंद्रों का खुलासा किया। इन अत्याधुनिक “स्कैम कंपाउंड्स” में हजारों लोग कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश भारतीय हैं, जिन्हें नकली नौकरी के प्रस्ताव देकर फंसा कर अपने ही देश के लोगों को ठगने के लिए मजबूर किया जाता है।
इसके बावजूद, तिवारी की जांच में यह सामने आया कि ऐसे ठगी केंद्रों से कॉल करने वाले खुद भी पीड़ित हैं, जिन्हें विदेश जाकर काम करने के झांसे में लाया गया है।
जूरी सदस्यों ने इस रिपोर्ट की व्यापकता और विभिन्न देशों में फैले साक्ष्यों के अथक अनुसंधान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कहानी की पैमाना तथा उसकी गहन पड़ताल ने विशेष प्रभाव डाला।
साइबर अपराध शृंखला की कहानियां यहाँ पढ़ें।
यह विशेष श्रृंखला इस भयावह विषय की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत करती है जहां ठग भी एक तरह के शिकार हैं।
तिवारी ने उन लोगों की कहानियां भी प्रकाशित कीं जिन्होंने साइबर धोखाधड़ी के कारण अपनी सारी जमा पूँजी खो दी, साथ ही उन भारतीयों पर भी ध्यान केंद्रित किया जिन्होंने दक्षिण पूर्व एशिया जाकर साइबर दासता में फंस गए। श्रृंखला के अंतिम भाग में, उन्होंने पाठकों को साइबर ठगी उद्योग के केंद्र तक ले जाया।
यह रिपोर्टिंग साइबर अपराध की जटिलताओं और पीड़ितों की गहराई में जाकर किया गया गहन शोध है, जो सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर इस समस्या को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।