पैसेंजर कारों के लिए अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है। जबकि भारी वाहनों के लिए यह सीमा 80 किमी प्रति घंटा है। इन नियमों को लागू करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और परिवहन विभाग ने ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए हैं। जो नियम तोड़ने वालों पर खुद-ब-खुद चालान जारी करेंगे। तेज और सुगम यात्रा को लेकर लोगों में उत्साह है, लेकिन परिवहन विभाग ने मोटर चालकों के लिए कुछ अहम निर्देश भी जारी किए हैं:यात्रा की योजना बनाएं: सफर शुरू करने से पहले अपने एंट्री और एग्जिट पॉइंट तय कर लें।लेन अनुशासन का पालन करें: भारी वाहन बाईं लेन में चलें, सामान्य वाहन बीच की लेन में और दाईं लेन केवल ओवरटेकिंग के लिए उपयोग करें।क्या करना मना है?: एक्सप्रेसवे पर वाहन रोकना या यू-टर्न लेना सख्त मना है। इमरजेंसी में क्या करें?: वाहन खराब होने पर उसे किनारे लगाएं और निर्धारित हेल्पलाइन के जरिए पेट्रोलिंग टीम से संपर्क करें। वन्यजीव और पर्यावरण का ध्यान रखें: अनावश्यक हॉर्न बजाने से बचें और सतर्क रहें, ताकि स्थानीय वन्यजीवों की सुरक्षा हो सके। भौगोलिक स्थिति का ध्यान रखें: देहरादून में प्रवेश करते समय आशारोड़ी के पास ढलान ज्यादा है, इसलिए वहां वाहन की रफ्तार कम रखें। सामान्य नियम: ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल और शराब पीकर वाहन चलाना सख्त मना है। साथ ही, दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद करने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित किया गया है। पूरे एक्सप्रेसवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है।
एक्सीडेंट डिटेक्शन कैमरे सेंट्रल कंट्रोल रूम से जुड़े हैं, जिससे किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत मदद भेजी जा सके। इसके अलावा, यह सिस्टम गलत दिशा में ड्राइविंग या ओवरस्पीडिंग जैसे ट्रैफिक उल्लंघनों पर स्वतः जुर्माना भी लगाएगा।

