नोएडा क्षेत्र के उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के सभागार में उद्योग सहायक समिति की बैठक आयोजित हुई। प्राधिकरण के सीईओ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नोएडा शिल्पहाट में निर्यातक बाजार लगाए जाने की मांग भी उजागर हुई। इसके अलावा अतिक्रमण से छुटकारा दिलाने की बात भी सामने आई।
बैठक में नोएडा एंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती, नोएडा हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन सहित कई औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी और क्षेत्र के निवेशक मौजूद रहे। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करूणेश, सतीश पाल और विशेष कार्याधिकारी महेंद्र प्रसाद भी शामिल रहे। जहां एनईए अध्यक्ष ने उद्यमियों को भूखंडों पर भेजे जाने वाले नोटिस, ग्राउंड कवरेज बढ़ाने, यूनिफाइड नीति में दादा-दादी का नाम शामिल करने, अंतरण शुल्क व समयवृद्धि शुल्क में कमी और कार्यशीलता अवधि बढ़ाने जैसी प्रमुख मांगें उठाईं।
हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट संगठन ने शिल्पहाट में निर्यातक बाजार के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। वहीं लघु उद्योग भारती ने फेज-2 में ड्रेन और अव्यवस्थित वेंडिंग जोन की समस्या के समाधान की बात रखी। सीईओ ने उद्यमियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा, यूनिफाइड नीति में दादा-दादी का नाम जोड़ने का प्रस्ताव प्रेषित किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्राउंड कवरेज, अंतरण शुल्क, समयवृद्धि शुल्क और कार्यशीलता अवधि बढ़ाने पर शीघ्र नीतिगत निर्णय का आश्वासन दिया।
औद्योगिक सेक्टरों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं और अतिक्रमण समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।