राज्यपाल ने कहा कि हमें तकनीकी से जुड़े ऐसे अपराधों से निपटने के लिए उनसे एक कदम आगे सोचना होगा। हमें अपनी पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के साथ ऐसे अपराधों को समझने और शोध पर भी काम करना होगा। चूंकि अपराधी कहीं से बैठकर अपराध को अंजाम दे सकता है इसलिए हमें और अधिक मुस्तैद होना होगा। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से जुड़े प्रतिदिन एक से दो मामले सामने आ रहे हैं। सरकार ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बनाया है और बीस साइबर कमांडो ऐसे अपराधों से निपटने के लिए तैनात हैं लेकिन इसके लिए आईटी विशेषज्ञों और एआई के इस्तेमाल पर भी काम करना होगा।
राज्यपाल ने बताया कि पिछले दिनों उनकी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ हुई मुलाकात में साइबर अपराधों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी। हमें साइबर अपराधियों को उनकी भाषा समझाने के लिए एक कदम आगे सोचना होगा और उसी के अनुरूप तैयारी रखनी होगी। साइबर अपराधियों के चेहरों को बेनकाब कर सकेंगे
गृहमंत्री से भी आग्रह किया है कि राज्य की पुलिसिंग में ढांचागत बदलाव करने होंगे। टिहरी के नरेंद्र नगर में पुलिस प्रशिक्षण कालेज को तकनीकी और शोध के नए केंद्र के रूप में स्थापित करना होगा।
वहां इस तरह के प्रशिक्षण की सुविधा हो जो सामान्य पुलिसिंग से हटकर हो। वहां से निकलने वाले पुलिसकर्मी तकनीकी तौर पर समृद्ध और संसाधनों की मजबूती लेकर निकले। ऐसा करके हम साइबर अपराधियों के चेहरों को बेनकाब कर सकेंगे।

