• Fri. Oct 2nd, 2026

India Core News | Read Latest Trending News..

आपका इंडिया आपकी न्यूज़

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक बड निर्देश दिया है

आपातकालीन स्थिति यानी इमरजेंसी में मदद मांगने के लिए अब लोगों को अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक बड निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि तीन महीने के भीतर सभी तरह की इमरजेंसी और एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबरों को एक ही नंबर ‘112’ (हेल्पलाइन 112) के साथ जोड़ दिया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कोई व्यक्ति दुर्घटना या ऐसी ही किसी घटना का शिकार होता है, जिसमें तत्काल ट्रॉमा देखभाल की जरूरत होती है, तो वह अक्सर सदमे और भ्रम की स्थिति में होता है और दूसरों से मदद की उम्मीद करता है. कोर्ट ने कहा, “ऐसी स्थिति में बिना चिकित्सा हस्तक्षेप या आपात देखभाल के बिताया गया हर मिनट जीवित रहने की संभावना को कम करता है. तेजी, वास्तव में, जीवनरक्षक दवा की तरह है.”

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )