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10वीं-12वीं Board Exam में फेल होने पर भी साल नहीं होगा खराब

सीबीएसई, यूपी बोर्ड समेत अन्य स्टेट एजुकेशन बोर्ड से 10वीं और 12वीं बोर्ड का एग्जाम दे रहे स्टूडेंट्स के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है. बोर्ड एग्जाम में फेल होने वाले स्टूडेंट्स पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की नजर है. ऐसे स्टूडेंट्स की मदद NIOS Mitra करेंगे

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), यूपी बोर्ड, राजस्थान बोर्ड समेत अन्य स्टेट एजुकेशन बोर्ड की तरफ से इन दिनों 10वीं और 12वीं बोर्ड के एग्जाम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके तहत देशभर में लगभग 4 करोड़ से अधिक स्टूडेंट्स 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम में शामिल हो रहे हैं. ये ट्रेंड हर साल का है. प्रत्येक साल 4 करोड़ से अधिक स्टूडेंट्स 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम में शामिल होते हैं. इसमें से कई स्टूडेंट्स बोर्ड एग्जाम में फेल हो जाते हैं. ऐसे में उनका एक साल खराब हो जाता है. इस वजह से कई स्टूडेंट्स बीच में पढ़ाई छोड़ (स्कूल ड्रॉपआउट) देते हैं. इसको लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय गंभीर है. अब बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने वाले स्टूडेंट्स का साल खराब नहीं होगा. ऐसे स्टूडेंट्स की मदद एनआईओएस मित्र करेंगे और फेल स्टूडेंट्स को ऑन डिमांड बोर्ड एग्जाम में शामिल होने का मौका मिलेगा.

बोर्ड में फेल होने वाले स्टूडेंट्स की मदद करेंगे NIOS Mitra

असल में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम में फेल होने के बाद स्कूल छोड़ने वाले स्टूडेंट्स को लेकर बहुत गंभीर है. इसके लिए शिक्षा मंत्रालय ने एक विशेष प्लान तैयार किया है, जिसकी जिम्मेदारी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (NIOS) को दी गई है. इस प्लान के तहत NIOS Mitr बनाए जाने हैं, जो देशभर के एजुकेशन बोर्ड की तरफ से आयोजित 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम में फेल होने वाले स्टूडेंट्स से संपर्क करेंगे. साथ ही NIOS Mitr फेल होने के चलते स्कूल छोड़ चुके स्टूडेंट्स से भी संपर्क करेंगे.

NIOS में कराया जाएगा नामंकन, ऑन डिमांड एग्जाम देने की सुविधा

10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम में फेल होने वाले स्टूडेंट्स को तत्काल राहत देने की मंशा के साथ NIOS Mitr काम करेंगे. वह फेल स्टूडेंट्स का नामंकन NIOS में कराएंगे. फेल स्टूडेंट्स अगर चाहते हैं कि उनके लिए तत्काल एग्जाम आयोजित किए जाएं. तो वह ऑन डिमांड एग्जाम का विकल्प चुन सकते हैं.

रिजल्ट के बाद शुरू होगा अभियान

NIOS इस पहल को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना पर काम कर रहा है. इसका पहला चरण आगामी बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित होने के बाद शुरू किया जाएगा. रिजल्ट जारी होने के बाद उन स्टूडेंट्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो असफल हुए हैं या पढ़ाई छोड़ चुके हैं.

पास विषयों के नंबर ट्रांसफर करा सकते हैं

NIOS स्टूडेंट्स को सिर्फ उन्हीं विषयों के एग्जाम देने की सुविधा भी उपलब्ध करात है, जिसमें वह फेल हुए हैं. इसे उदाहरण के तौर पर समझते हैं. अगर यूपी 12वीं बोर्ड का कोई स्टूडेंट्स 6 में से 3 विषय में फेल और 3 में पास है तो वह पास होने वाले अधिकतम 2 विषयों के नंबर NIOS में ट्रांसफर करा सकता है. तो वहीं फेल हुए 3 विषयों समेत पास हुए एक विषय का ऑन डिमांड एग्जाम देकर वह अपना रिजल्ट ठीक करा सकता है. इसके साथ ही स्टूडेंट्सआवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त विषय भी ले सकते हैं.

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )