शहर की खराब सड़कें और सड़कों पर लगने वाला गाड़ियों का लंबा जाम प्रदूषण कम न होने का मुख्य कारण है। यही वजह है कि नोएडा प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ट्रैफिक विभाग मिलकर भी नोएडा का प्रदूषण कम नहीं कर पा रहे हैं। परिवहन विभाग के मुताबिक, जिले में 13 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं इसके साथ ही हर महीने करीब 13-14 हजार नई गाड़ियां आती हैं
हालांकि इस साल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हॉटस्पॉट और जांच केंद्र (स्टेशन) केंद्र दोगुने कर दिए हैं।प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इस बार 20 केंद्रों पर प्रदूषण की सख्त निगरानी की जाएगी, जबकि पिछली बार 10 हॉटस्पॉट ही बने थे। इसके अलावा प्रदूषण जांच केंद्र भी चार से बढ़ाकर 8 कर दिए गए हैं।
बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि हर साल एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू हो जाता है और ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। प्रदूषण नियंत्रण का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

