। जारी आदेशों के मुताबिक आईपीएस अधिकारी नीरज ठाकुर को स्पेशल सीपी ट्रैफिक से हटाकर स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर जोन‑2 बनाया गया है, जबकि देवेश चंद्र श्रीवास्तव को स्पेशल सीपी क्राइम से स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर ज़ोन‑1 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डेविड लालरिनसांगा को स्पेशल सीपी ऑपरेशन्स में अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ बनाए रखा गया है।
मनीष कुमार अग्रवाल को इंटेलिजेंस डिवीजन से हटाकर स्पेशल सीपी ट्रैफिक नियुक्त किया गया है. अजय चौधरी को विजिलेंस डिवीजन से स्पेशल सीपी प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन भेजा गया है। हरगोबिंदर सिंह धालीवाल को स्पेशल सीपी क्राइम बनाया गया है। अतुल कटियार को वेलफेयर डिवीजन से स्पेशल सीपी विजिलेंस की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं विजय कुमार को आर्म्ड पुलिस से हटाकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेफ्टी डिवीजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है और के. जगदीशन को प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन से स्पेशल सीपी इंटेलिजेंस नियुक्त किया गया है। ये सभी आदेश दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी किए गए हैं।
सुबह दो ऑर्डर आने से हलचल शुरू हो गई थी : बुधवार सुबह आए दो तबादले ऑर्डर से दिल्ली पुलिस में हलचल शुरू हो गई थी। स्पेशल सीपी (कानून व्यवस्था) रवींद्र यादव का तबादला कर उन्हें अंडमान और निकोबार का डीजीपी नियुक्त करने आदेश बुधवार सुबह आ गया था। इससे पहले स्पेशल सीपी (कानून व्यवस्था) मधुप तिवारी को भी अरुणाचल प्रदेश भेजा जा चुका है। रवींद्र यादव के ट्रांसफर और मधुप तिवारी के पहले ही ट्रांसफर के बाद अब स्पेशल सीपी कानून व्यवस्था जोन-1 और जोन-2 दोनों पद खाली हो गए थे। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, रवींद्र सिंह यादव (आईपीएस 1995) को दिल्ली से अंडमान-निकोबार भेजा गया है। वहीं हरगोबिंदर सिंह धालीवाल को अंडमान-निकोबार से दिल्ली में पोस्टिंग दी गई है।
तबादला तुरंत प्रभाव से लागू : यह तबादला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया। रवींद्र यादव और हरगोबिंदर सिंह धालीवाल दोनों ही एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, लेकिन उनकी पहचान और काम के क्षेत्र अलग-अलग रहे हैं। रवींद्र यादव (1995 बैच) दिल्ली पुलिस में लंबे समय तक क्राइम, ऑपरेशन और कानून-व्यवस्था से जुड़े पदों पर रहे और उन्होंने स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) के तौर पर राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में भूमिका निभाई। हरगोबिंदर सिंह धालीवाल (1997 बैच) को हाई-प्रोफाइल जांचों और एंटी-टेरर ऑपरेशन के लिए भी जाना जाता है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अन्य अहम यूनिट में रहते हुए उन्होंने जिगीशा घोष मर्डर, सौम्या विश्वनाथन केस और धौला कुआं गैंगरेप जैसे मामलों को सुलझाने में भूमिका निभाई। साथ ही सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैंगस्टर व आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई में भी अहम योगदान दिया।
दिल्ली: कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले
। जारी आदेशों के मुताबिक आईपीएस अधिकारी नीरज ठाकुर को स्पेशल सीपी ट्रैफिक से हटाकर स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर जोन‑2 बनाया गया है, जबकि देवेश चंद्र श्रीवास्तव को स्पेशल सीपी क्राइम से स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर ज़ोन‑1 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डेविड लालरिनसांगा को स्पेशल सीपी ऑपरेशन्स में अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ बनाए रखा गया है।
मनीष कुमार अग्रवाल को इंटेलिजेंस डिवीजन से हटाकर स्पेशल सीपी ट्रैफिक नियुक्त किया गया है. अजय चौधरी को विजिलेंस डिवीजन से स्पेशल सीपी प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन भेजा गया है। हरगोबिंदर सिंह धालीवाल को स्पेशल सीपी क्राइम बनाया गया है। अतुल कटियार को वेलफेयर डिवीजन से स्पेशल सीपी विजिलेंस की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं विजय कुमार को आर्म्ड पुलिस से हटाकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेफ्टी डिवीजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है और के. जगदीशन को प्रोटेक्टिव सिक्योरिटी डिवीजन से स्पेशल सीपी इंटेलिजेंस नियुक्त किया गया है। ये सभी आदेश दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी किए गए हैं।
सुबह दो ऑर्डर आने से हलचल शुरू हो गई थी : बुधवार सुबह आए दो तबादले ऑर्डर से दिल्ली पुलिस में हलचल शुरू हो गई थी। स्पेशल सीपी (कानून व्यवस्था) रवींद्र यादव का तबादला कर उन्हें अंडमान और निकोबार का डीजीपी नियुक्त करने आदेश बुधवार सुबह आ गया था। इससे पहले स्पेशल सीपी (कानून व्यवस्था) मधुप तिवारी को भी अरुणाचल प्रदेश भेजा जा चुका है। रवींद्र यादव के ट्रांसफर और मधुप तिवारी के पहले ही ट्रांसफर के बाद अब स्पेशल सीपी कानून व्यवस्था जोन-1 और जोन-2 दोनों पद खाली हो गए थे। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, रवींद्र सिंह यादव (आईपीएस 1995) को दिल्ली से अंडमान-निकोबार भेजा गया है। वहीं हरगोबिंदर सिंह धालीवाल को अंडमान-निकोबार से दिल्ली में पोस्टिंग दी गई है।
तबादला तुरंत प्रभाव से लागू : यह तबादला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया। रवींद्र यादव और हरगोबिंदर सिंह धालीवाल दोनों ही एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं, लेकिन उनकी पहचान और काम के क्षेत्र अलग-अलग रहे हैं। रवींद्र यादव (1995 बैच) दिल्ली पुलिस में लंबे समय तक क्राइम, ऑपरेशन और कानून-व्यवस्था से जुड़े पदों पर रहे और उन्होंने स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) के तौर पर राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में भूमिका निभाई। हरगोबिंदर सिंह धालीवाल (1997 बैच) को हाई-प्रोफाइल जांचों और एंटी-टेरर ऑपरेशन के लिए भी जाना जाता है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अन्य अहम यूनिट में रहते हुए उन्होंने जिगीशा घोष मर्डर, सौम्या विश्वनाथन केस और धौला कुआं गैंगरेप जैसे मामलों को सुलझाने में भूमिका निभाई। साथ ही सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैंगस्टर व आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई में भी अहम योगदान दिया।

