ट्रक सड़क मार्ग से वहां से यहां आ-जा रहे थे। अफसरों ने बताया कि इसमें 20 से 25 घंटे का समय लगता है लेकिन मालगाड़ी से 12 से 15 घंटे में ट्रक आ जाते है। समय और पैसों की बचत हो रही है। गुजरात से अभी दूध रेवाड़ी आ रहा है। समय कम लगने से दूध खराब होने का खतरा कम रहता है। कारोबारियों को टीओटी सेवा काफी पसंद आ रही है। साल दर साल इसका उपयोग बढ़ता जा रहा है। 2022-23 में जहां 71 ट्रिप में 1389 वैगन का उपयोग हुआ वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 18309 पहुंच गया। मालगाड़ी के ट्रिप की संख्या 730 रही थी। ग्रेटर नोएडा तक चलने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।
ग्रेटर नोएडा से गुजरात तक जल्द दौड़ेगी ट्रक ऑन ट्रेन DFCCIL ने शुरू किया काम
ट्रक सड़क मार्ग से वहां से यहां आ-जा रहे थे। अफसरों ने बताया कि इसमें 20 से 25 घंटे का समय लगता है लेकिन मालगाड़ी से 12 से 15 घंटे में ट्रक आ जाते है। समय और पैसों की बचत हो रही है। गुजरात से अभी दूध रेवाड़ी आ रहा है। समय कम लगने से दूध खराब होने का खतरा कम रहता है। कारोबारियों को टीओटी सेवा काफी पसंद आ रही है। साल दर साल इसका उपयोग बढ़ता जा रहा है। 2022-23 में जहां 71 ट्रिप में 1389 वैगन का उपयोग हुआ वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 18309 पहुंच गया। मालगाड़ी के ट्रिप की संख्या 730 रही थी। ग्रेटर नोएडा तक चलने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।

